नगर का इकलौता सबसे पुराना राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन पुस्तकालय/वाचनालय अब अत्याधुनिक हो गया है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष ने इस इकलौते पुस्तकालय को पुरानी तहसील तिहारा के पास से सुपरमार्केट में स्थानांतरित कर दिया है। हालांकि, लंबे समय बाद इसके दिन बदल गए। लाखों की लागत से फर्नीचर के साथ पाठकों की व्यवस्था की गई। अखबारों को पढ़ने के लिए अलग से रूम बनाया गया तो वहीं पुस्तकें व धार्मिक ग्रंथ पढ़ने के लिए अलग से बैठक व्यवस्था तैयार की गई, जिसके दोनों ओर व्हील चेयर पर बैठकर आसानी से पढ़ाई की जा सकती है। इसमें मुस्लिम धर्मावलंबियों की कुरानी शरीफ तो सिख धर्मानुयायियों की गुरु ग्रंथ साहिब, हिंदू धर्म की गीता, रामायण, महाभारत आपको पढ़ने के लिए रखी हुईं हैं। इसके साथ नजीर ग्रंथावली, इन साइक्लोपीडिया, उपन्यास व हिंदू अंग्रेजी में प्रमुख लेखकों की पुस्तकें मौजूद हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को ध्यान में रखकर पुस्तकालय में फ्री बाईफाई की व्यवस्था की गई है। इससे न केवल विश्व की पुस्तकों को खोज पाएंगे, साथ ही अन्य महत्वपूर्ण जानकारी ले सकेंगे, साथ ही एसएससी, सीपीएमटी, एआईपीएमटी, बी टेक, रेलवे, बैंकिंग, पीसीएस सहित अन्य परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए श्रेष्ठ प्रकाशनों की पुस्तकों को मंगा दिया गया है, जिससे युवा आसानी से तैयारी कर सकेंगे। किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए एक साथ दो कर्मचारी पुस्तकालय में मौजूद रहते हैं।