संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने वर्तमान शैक्षिक सत्र में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के संचालन हेतु बैठक की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्राम स्तर पर इन कोचिंग का संचालन किया जाए, जिससे ग्रामीण इलाकों में निवास कर रहे बच्चों को लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि जिला स्तर के साथ ग्राम स्तर पर भी कोचिंग के संचालन हेतु ढांचा तैयार किया जाए, ताकि ग्रामीण छात्र भी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग ले सकें। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए कि पंजीकृत कोचिंग सेंटरों एवं उनमें संचालित बैच की लिस्ट तैयार करें तथा 10 सबसे अच्छे कोचिंग संचालकों को बुलाकर मीटिंग करें और उनके सुझाव लें। उन्होंने कहा कि जनपद के अधिकारी भी अभ्युदय कोचिंग के छात्रों को मोटिवेशनल लेक्चर दें। अभ्युदय कोचिंग के संचालन में समाज कल्याण विभाग की अहम भूमिका है।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023-24 में अभ्युदय कोचिंग में एनडीए/सीडीएस, सिविल सेवा, आईआईटी-जेईई, नीट यूजी की तैयारी कराई गई थी, जिसमें एक छात्र का चयन आईआईटी-जेईई मेन्स हेतु हुआ है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि उस छात्र को मेंस परीक्षा की तैयारी के लिए जिन संसाधनों की आवश्यकता है, वे उपलब्ध कराए जाएं। एक दिवसीय परीक्षाओं जैसे एसएससी, रेलवे, यूपीएसएसएससी, लेखपाल, पुलिस, बैंक एवं पैट की परीक्षाओं का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। स्नातक अंतिम वर्ष अथवा स्नातक एवं परास्नातक उत्तीर्ण छात्रों को यूपीएससी के अतिरिक्त सीटीईटी/टीईटी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बैठक में अपर जिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी कमलाकांत पांडेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव, सहायक निदेशक सूचना सुरजीत सिंह आदि उपस्थित रहे।