स्कूली बच्चों को हष्ट- पुष्ट बनाने के उद्देश्य से मिड डे मील योजना संचालित हो रही है। इस योजनांतर्गत बच्चों को रुचिकर भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इस संबंध में समय- समय पर बच्चों की राय भी ली जाती है, जिससे बच्चे योजना के प्रति आकर्षित हो सकें। वर्ष 2005 में मेन्यू से पूड़ी को हटाकर रोटी- सब्जी अथवा दलिया का निर्धारण किया गया था। इसके बाद मेन्यू से मीठा चावल भी हटाया गया। अब खीर की जगह बच्चों को दूध देने की तैयारी है। शासन के सचिव एचएल गुप्ता ने बीएसए को लिखे पत्र में कहा कि 15 जुलाई से हर सप्ताह प्रत्येक बुधवार को खीर के स्थान पर दो मिलीलीटर उबला हुआ दूध व कोफ्ता चावल मुहैया कराया जाएगा। जिससे बच्चों को जरूरी प्रोटीन व कार्बोहाइड्रेट मिल सकेगा। खास बात यह है कि कन्वर्जन कास्ट से दूध का इंतजाम किया जाएगा। वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय को प्रति छात्र 3.59 रुपए एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 5.38 रुपए प्रति छात्र कन्वर्जन कास्ट प्रदान की जाती है। इस राशि से गैस सिलेंडर, सब्जी, तेल व मसाले का इंतजाम होता है। अब इस राशि से दूध का भी इंतजाम होगा। इन स्थितियों में कर्न्वजन कास्ट की राशि कम पड़ सकती है। हकीकत जुलाई माह में ही सामने आ सकेगी, जब नए मेन्यू पर योजना शुरू होगी।