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हजारिया महादेव: प्राचीन शिवलिंग के दर्शन मात्र से कामना होती है पूरी

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अमर उजाला ब्यूरो
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ललितपुर। गोविंद सागर बांध के निकट स्थित सीतापाठ हजारिया महादेव मंदिर में स्थापित प्राचीन शिवलिंग के दर्शन मात्र से ही भक्तों की मुराद पूरी हो जाती है। मान्यता है कि मंदिर के निकट स्थित कुंड के पास एक शिला पर सीता जी के चरण बने हुए हैं, श्रद्धालु उनकी पूजा अर्चना करते हैं।
प्राचीन सीतापाठ हजारिया महादेव मंदिर में शिवलिंग, नंदी के अलावा हनुमान जी की मूर्ति स्थापित है। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि भगवान श्रीराम, सीता और लक्ष्मण जी यहां खुद आए थे। सीता जी जिस शिला पर बैठी थीं, उसी शिला पर बने पदचिह्न आज भी यहां पूजे जाते हैं। मंदिर की देखरेख कर रहे भोला ने बताया कि यह मंदिर में शिवलिंग किस सदी में स्थापित किया गया था, इसकी जानकारी नहीं है।
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खैड़र नदी पर बने समाधन घाट पर मिलेंगे पाषाण के शिवलिंग
महंतों के लिए बनाया गया था समाधन घाट
संवाद न्यूज एजेंसी
जखौरा। ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत सिरसी से निकली खैड़र नदी पर गढ़ी के महंतों का एक चंदेल कालीन घाट बना हुआ है, जिसे समाधन घाट कहते हैं। समाधन घाट मुख्य रूप से महंतों के लिए बनाया गया था। इस घाट पर सिरसी गढ़ी के महंतों की समाधि स्थल बने हुए हैं। खैड़र नदी के इस घाट पर आज भी पानी में सैकड़ों की संख्या में अलग-अलग कलाकृतियों में पाषाण के शिवलिंग हैं। इन शिवलिंगों का रहस्य आज भी किसी को पता नहीं है। अक्सर श्रद्धालु यहां से शिवलिंग अपने घर पूजा अर्चना के लिए ले जाते हैं।
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समाधन घाट बहुत ही प्राचीन है। घाट पर गढ़ी के ही महंत लोग स्नान करने जाते थे। इस घाट पर महंतों के समाधि स्थल भी बने हुए हैं।-जयप्रकाश पुरी, सिरसी


समाधन घाट गढ़ी के महंतों के लिए बनाया गया था। यह स्थान काफी पुराना है। समाधन घाट पर सैकड़ों की संख्या में अलग-अलग कलाकृतियों में पाषाण के शिवलिंग पानी में पड़े हुए हैं।-अवधेश पुरी, पूर्व प्रधान
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