संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नेहरूनगर पेयजल योजना का हाल बेहाल है। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते कार्य पूर्ण होने की तय अवधि के दो वर्ष बाद भी पेयजल आपूर्ति शुरू होना तो दूर कार्य तक पूर्ण नहीं किया जा सका है। इसका खामियाजा नेहरूनगर समेत चार वार्डों की लगभग 32 हजार आबादी को भुगतना पड़ रहा है।
नेहरूनगर, सिद्दनपुरा जुगपुरा व चांदमारी के क्षेत्र लंबे समय से पेयजल समस्या से जूझ रहे थे। इन मोहल्लों के 6664 परिवारों की लगभग 32 हजार की आबादी का पेयजल संकट दूर करने के लिए अमृत योजना के अंतर्गत नेहरूनगर पेयजल परियोजना बनाई गई थी। 46.24 करोड़ से घर-घर पानी पहुंचाया जाना था। इसके लिए 72 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जानी थी। साथ ही दो टंकी का निर्माण किया जाना था। निर्माण 2019 में शुरू किया गया था, जिसे वर्ष 2022 में पूर्ण होना था, लेकिन लगभग पांच वर्ष बाद भी कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। कार्य समाप्त होने की अवधि के दो वर्ष बाद भी पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी और न ही कार्य पूर्ण हो सका है। ऐसे में लगभग 32 हजार की आबादी को पानी के संकट से जूझना पड़ रहा है। हालत यह है कि लोगों को पानी जुटाने के लिए बर्तनों और डिब्बों को लाइनों में रखना पड़ता है। इसके बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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पूर्व चेयरमैन के शादीघर के बाहर से भर रहे पानी
नेहरूनगर की बड़ी आबादी पूर्व चेयरमैन के मोहल्ले में स्थित शादीघर के बाहर लगे निजी बोर के नल से पानी भरने को मजबूर है। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग अपने बर्तन और डिब्बे लेकर वहां आ जाते और लाइन में लगकर पानी भरते हैं।
पानी की किल्लत लंबे समय से दूर नहीं हो पा रही है। पानी जुटाने में अधिक समय बर्बाद हो रहा है। इससे अन्य कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं।
- मानकुंवर
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पानी भरने के लिए अधिक समस्या हो रही है। कारण समय पर न पहुंचने पर समय बर्बाद हो जाता है। पानी की सुविधा कराई जाए।
- परवीन
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नेहरूनगर पेयजल परियोजना बनी तो आस हुई कि अब पानी पर्याप्त मात्रा में मिल सकेगा। लेकिन, सप्लाई तो दूर पांच वर्ष में कार्य पूरा नहीं हो सका है।
- शैलेंद्र परिहार
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जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को ध्यान रखना चाहिए। प्राथमिकता से कार्य को पूरा कराकर पानी सप्लाई शुरू कराया जाए। - राजीव बुंदेला
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नेहरूनगर पेयजल योजना का कार्य अंतिम चरण में है। कार्य पूर्ण होने में एक माह का समय लग जाएगा। इसके बाद आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
- मुकेशपाल सिंह, परियोजना प्रबंधक, निर्माण इकाई नगरीय