संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर-सिलावन। कई गांवों में लगे हैंडपंपों के प्लेटफार्म न बनने के कारण उसके आसपास गंदा पानी भरा होने से जल दूषित हो रहा है। हैरत की बात यह है कि डीएम के कड़े निर्देश के बाद भी अफसर नहीं चेते।
कुछ दिनों से कई गांवों में डायरिया फैल रहा है। अब तक इससे 10 लोगों की जान जा चुकी है। बीमारी फैलने का कारण हैंडपंप के दूषित पानी का उपयोग बताया जा रहा है। फिर भी गांवों में लगे हैंडपंपों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। डायरिया की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने हैंडपंपों के आसपास साफ-सफाई कराने व प्लेटफार्म बनवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया।
महरौनी के बैजनाथ, गगनियां व दिगवार गांव में हैंडपंपों के प्लेटफार्म नहीं होने के कारण इससे निकलने वाला पानी आसपास ही जमा रहता है। इसके चलते हैंडपंप का पानी दूषित होने की आशंका रहती है। उक्त गांव तो बानगी मात्र हैं। कमोबेश सभी गांवों में लगे हैंडपंप प्लेटफार्म विहीन हैं।
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प्रधान सहित 10 लोगों की हो चुकी है मौत : डायरिया से मड़ावरा ब्लॉक के जलंधर गांव के प्रधान सहित 10 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। अधिकांश घटनाओं में हैंडपंप का दूषित पानी पीने से डायरिया होना बताया गया है। प्रशासन ने संबंधित गांवों के हैंडपंप का हत्था हटवा दिया है, जिससे कोई दूषित पानी न पी सके।