ललितपुर। तालबेहट क्षेत्र के ग्राम बम्हौरीसर निवासी पन्नालाल (मृतक) अपने परिवार के लोगों के साथ तालबेहट में कटाई के लिए जा रहा था। उसके साथ उसके चचेरे भाई व उनके घर की महिलाएं भी साथ में घर से इस आस के साथ सभी निकले कि सोमवार से शुरू हो रहे नवरात्र पर्व के चलते काम से लौटकर रात्रि में देवी प्रतिमा की स्थापना करेंगे। इसके लिए वह पहले से ही तैयारियों में जुटे थे और देवी मूर्ति की भी बुकिंग कर दी थी। बस रात में मोहल्ले में देवी स्थापना के साथ नौ दिनों में धार्मिक आयोजन होना था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि घर से निकलने पर कुछ ही दूरी पर हाईवे पर बड़ा हादसा होने वाला है और उसमें चार लोगों की मौत हो जाएगी। मृतक के भतीजे संतोष पुत्र विनोद ने बताया कि पन्नालाल उसके चाचा हैं और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन पर ही थी। उन्होंने नवरात्र के लिए देवी प्रतिमा की बुकिंग भी करा दी थी। पंडाल सजाने की तैयारी चल रही थी और सभी ने यह तय किया था कि रविवार को खेतों में कटाई की मजदूरी से जो रुपये एकत्रित होंगे, वह सभी नवरात्र के लिए देवी पंडाल में लगाकर धार्मिक आयोजन भव्यता से मनाएंगे।
मोबाइल वापस लेने उतर गया संतोष, बच गई जान
मृतक पन्नालाल के भतीजे संतोष ने बताया कि वह भी ट्रैक्टर में कटाई करने जाने के लिए सवार हुआ था। जब ट्रैक्टर हाईवे पर चढ़ ही रहा था, तभी अचानक उसे मोबाइल छूट जाने की याद आई, तो वह मोबाइल घर से उठाने के लिए ट्रैक्टर से उतर गया और मोबाइल लेने घर जा रहा था। जैसे ही ट्रैक्टर आगे बढ़ा, तो ट्रक और ट्रैक्टर के टकराने की जोरदार आवाज आई, तो वह तत्काल मौके पर पहुंच गया और काफी ग्रामीण एकत्रित हो गए और पलटी हुई ट्रॉली व ट्रैक्टर को उठाकर उसके नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला।
पुलिस ने निभाया अपना फर्ज, दिखाई मानवता
ट्रक और ट्रैक्टर की आमने सामने की भिड़ंत की सूचना मिलने पर कोतवाली तालबेहट पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई और जैसे ही घायलों को गंभीर हालत में तड़पते देखा तो पुलिस कर्मचारियों ने एंबुलेंस का इंतजार किए बिना मानवता दिखाते हुए तत्काल घायलों को उठाकर अपने अपने चार पहिया वाहनों में रखकर सीएचसी तालबेहट लेकर पहुंच गए। जिस पर वहां मौजूद लोगों ने भी घायलों को उठाने में मदद की।