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Lalitpur News: जैन संत आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज का महाप्रयाण

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अमर उजाला ब्यूरो
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ललितपुर। जैन जगत के प्रख्यात संत आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महामुनिराज की संलेखनापूर्वक समाधि छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरि तीर्थ पर हुई। अखंड मौन साधना धारण कर ध्यान में लीन आचार्य श्री ने शनिवार रात्रि 2.35 बजे अंतिम सांस ली। खबर मिलते ही सर्व समाज में शोक की लहर फैल गई। उनके अंतिम दर्शन के लिए जनपद से कई श्रद्धालु रात में ही डोगरगढ़ के लिए रवाना हो गए। इधर, रविवार को व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
आचार्य श्री का जन्म 10 अक्टूबर 1946 को कर्नाटक के बेलगांव जिले के सदलगा गांव में हुआ था उन्होंने 30 जून 1968 को राजस्थान के अजमेर में अपने गुरु आचार्य ज्ञानसागर महाराज से मुनि दीक्षा लेकर कठोर तपस्या की, जिसको देखकर उन्होंने अपना आचार्य पद सौंपा। आचार्य श्री 1975 में बुंदेलखंड आए, यहां जैन समाज में भक्ति और समर्पण से वह इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपना अधिकांश समय बुंदेलखंड में व्यतीत किया। आचार्य श्री ने 350 से अधिक दीक्षाएं दीं। उनके शिष्य पूरे देश में विहार कर जैन धर्म की प्रभावना कर रहे हैं।
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आचार्य श्री संस्कृत, प्राकृत सहित विभिन्न भाषाओं हिंदी, मराठी और कन्नड़ में विशेषज्ञ स्तर का ज्ञान रखते थे। आचार्य श्री की प्रेरणा से हजारों गायों का संरक्षण गोशाला के माध्यम से हो रहा है। वहीं, हजारों बालिकाएं प्रतिभास्थली में संस्कारित हो रही हैं। हथकरघा, भाग्योदय और पूर्णायु से आम-जन जुड़कर लाभान्वित हो रहा है। आचार्य श्री ने अभूतपूर्व तपश्चर्या के चलते पूरे विश्व में साधना का एक कीर्तिमान बनाया, जिस कारण उन्हें पिछले सप्ताह ही गिनीज बुक आफ द वर्ल्ड रिकार्ड संस्था द्वारा ब्रह्मांड के देवता की उपाधि प्रदान की गई थी।

ललितपुर वासियों को खूब मिला आचार्य श्री का आशीर्वाद
संतशिरोमणि आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज का सानिध्य एवं आशीर्वाद यहां के लोगों को भरपूर मिला। वर्ष 1988 में ससंघ लगातार तीन वाचनाओं में अपूर्व अध्यात्म की प्रभावना हुई। आचार्य श्री के आशीर्वाद से 1998 में दयोदय पशु संरक्षण केंद्र गोशाला एवं 2018 में आचार्य श्री के सानिध्य में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव जैनेश्वरी दीक्षाओं का भव्य आयोजन हुआ। बालिकाओं के लिए आवासीय शिक्षा हेतु 2021 में प्रतिभा स्थली आचार्य श्री के आशीर्वाद से शुरू हुई।
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डोंगरगढ़ पहुंचकर इन लोगों ने लिया अंतिम संस्कार में भाग
महेंद्र मयूर, अनिल जैन अंचल, अक्षय टढैया, सनत खजुरिया, संजीव सीए, पंकज मोदी, गौरव टोनू, रूपेश मलतु, प्रतीक इमलिया, मनी गंगचारी, शीलचंद अनौरा, ज्ञानचंद इमलिया, छोटे पहलवान, जिनेंद्र जैन, जीवन जैन, स्वतंत्र जैन, सौरव सीए, अखिलेश गदयाना, रोमिल जैन, सागर जैन आदि।

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हम सबका सौभाग्य रहा कि इस सदी के महान संत धरती के भगवान के युग में जन्म लिया। अहिंसा, तप, त्याग एवं वात्सल्य की मूर्ति आचार्य श्री के समाधिस्थ होने पर सारे राष्ट्र में शोक की लहर है।-अजित खजुरिया, पूर्व अध्यक्ष जैन समाज

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महा मुनिराज जीवन की यात्रा के अंतिम उद्देश्य को प्राप्त कर ईश्वरत्व में विलीन हो गए। एक युग का अंत हुआ। हम सब सौभाग्यशाली हैं कि उनका आशीर्वाद और सानिध्य मिला। उनका अस्तित्व कण कण में हमेशा बना रहेगा।-़डॉ राजकुमार जैन, अध्यक्ष आईएमए।
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आचार्यश्री मन से जल की तरह निर्मल और हमेशा मुस्कराते रहते थे। वह अपनी तपस्या की अग्नि में कर्मों की निर्जरा के लिए तत्पर रहते थे, उनका जाना दुखद रहा।अक्षय अलया, मीडिया प्रभारी जैन समाज।

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सन्मार्ग प्रदर्शक, धर्म प्रभावक आचार्यश्री में अपने शिष्यों का संवर्द्धन करने का अभूतपूर्व सामर्थ्य रहा। उनके चुंबकीय व्यक्तित्व ने युवक-युवतियों में अध्यात्म की ज्योति जगा दी।-डॉ.सुनील संचय

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भारतीय संस्कृति को जीवंत करने के लिए कई नगरों, कस्बों में हथकरघा, चल चरखा की स्थापना कराई। बालिकाओं को संस्कार एवं उच्च शिक्षा हेतु कई शहरों में ज्ञानस्थली विद्यापीठ प्रतिभा स्थली की स्थापना कराई।-आकाश जैन, महामंत्री जैन समाज
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हम भाग्यशाली थे, जो आचार्य विद्यासागर के रूप में जीवंत भगवान का सानिध्य पा सके, किंतु अब वह संसार से विदा हो गए। सिर्फ जैन समाज ही नहीं, अपितु हर संप्रदाय का व्यक्ति उन्हें स्नेह और सम्मान से देखता था।-पंकज मोदी जैन,पूर्व सभासद
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आचार्य श्री एक समुदाय के नहींं पूरी मानवता के आध्यात्मिक गुरु थे। उन्होंने कभी संप्रदाय, जाति, वर्ग के आधार पर भेदभाव नहीं किया।-जहीर ललितपुरी
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आचार्य श्री ने इंसानियत की जो बुनियाद रखी, उसे ता उम्र भुलाया नहीं जा सकता है।-असर ललितपुरी, शायर

भाजपा नगर मंडल ने शोक संवेदना प्रकट की
ललितपुर। आचार्य विद्यासागर महाराज ने समाधिस्थ पर भाजपा नगर मंडल ने शोक संवेदना व्यक्त कर श्रद्धांजलि दी। नगर अध्यक्ष मनीष अग्रवाल के कहा, राष्ट्र संत आचार्य विद्यासागर महाराज के निधन का समाचार संपूर्ण जगत को स्तब्ध करने वाला है। उन्होंने कुछ समय ललितपुर में गुजारा और उनका भरपूर आशीर्वाद मिला। उनका भौतिक शरीर हमारे बीच न हो, लेकिन गुरु के रूप में उनकी दिव्य उपस्थिति सदैव आसपास रहेगी। इस दौरान नगर महामंत्री दीपक पाराशर, रवि साहू, नगर मीडिया प्रभारी गोल्डी राजपूत, नगर उपाध्यक्ष दीपक सिंघाई बॉबी, अर्चना राजपूत, रामरति रैकवार, मनीष जैन, अभिषेक सोनी, कोषाध्यक्ष राजेश डोडवानी, नितिन पंथ, युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष वैभव गुप्ता, अवधेश शर्मा शौर्य, आईटी सेल संयोजक अमन द्विवेदी, गब्बर अहिरवार आदि रहे।

बुंदेलखंड सेना ने दी श्रद्धांजलि
ललितपुर। बुंदेलखंड विकास सेना की बैठक कंपनी बाग में संगठन प्रमुख हरीश कपूर टीटू की अध्यक्षता में हुई। संगठन प्रमुख ने कहा, आचार्य विद्यासागर महाराज के प्रति सभी धर्मों के लोग आस्था रखते थे। आचार्यश्री मानवता के सच्चे प्रवर्तक रहे। इस दौरान राजमल बरया, फूलचंद रजक, बीडी चंदेल, राजकुमार कुशवाहा, कदीर खान, सिद्धार्थ शर्मा, परवेज पठान, आनंद मोहन दुबे, अमरसिंह, नंदराम कुशवाहा, खुशाल बरार मौजूद रहे।
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बंद रहे जैन प्रतिष्ठान
तालबेहट। राष्ट्रीय संत आचार्य विद्यासागर के निधन पर लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। वही, स्थानीय जैन मंदिरों में शोक सभा आयोजित की गई। उनके निधन पर रविवार को पूरे जैन समाज ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
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