संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। यहां प्रस्तावित बल्क ड्रग फार्मा पार्क को विकसित करने का कार्य जल्द ही प्रारंभ होगा। यूपीसीडा ने सरकार से 25 करोड़ की धनराशि मांगी थी, जिसे औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस धनराशि से सब स्टेशन एवं ट्रांसमिशन लाइन के साथ पहुंच मार्ग का चौड़ीकरण कराया जाएगा।
जनपद को फार्मा इंडस्ट्री का हब बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी। ललितपुर के पांच गांवों की 1472 एकड़ भूमि पर ड्रग फार्मा पार्क बनाया जाना प्रस्तावित है, जिसे दो फेज में विकसित किया जाएगा। औद्योगिक विकास मंत्री ने प्रस्तावित कार्य को स्वीकृति प्रदान करते हुए 25 करोड़ की धनराशि जारी करने के निर्देश दिए हैं। 7.50 करोड़ से उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की सब स्टेशन एवं ट्रांसमिशन का कार्य, 17.37 करोड़ से उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग से पहुंच मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य, वहीं 12 लाख 71 हजार की धनराशि से सर्वे एवं मृदा परीक्षण कराया जाएगा। इसके साथ जेनरिक दवाओं के उत्पादन हब के तौर पर विकास का रास्ता साफ हो गया है। फेज-1 में 300 एकड़ भूमि के विस्तृत मास्टर प्लान व प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराकर विकास कार्यों को धरातल पर लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को मास्टर प्लान व प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराने के निर्देश दिए गए हैं।
यह भूमि की गई है अधिग्रहित
ड्रग पार्क के लिए मडावरा तहसील के तहत आने वाले सैदपुर में 426 व गड़ोलीकलां में 249 एकड़, महरौनी तहसील के लरगन में 239, करौंदा में 116 एकड़ व रामपुर में 441 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। यूपीसीडा ने यहां कुल भूमि सर्वेक्षण में आधुनिक सर्वेक्षण तकनीकों जैसे डिजिटल टोटल स्टेशन, डीजीपीएस, ड्रोन आदि का उपयोग करके मानचित्र तैयार कराया है। यह सर्वे ऑफ इंडिया के ग्रेट ट्रिगनोमेट्रिक सर्वे लेवलिंग बेंचमार्क के आधार पर होगा। निरीक्षण स्थल पर डीजीपीएस का उपयोग करके ग्राउंड कंट्रोल नेटवर्क की स्थापना की प्रक्रिया चल रही है।
बल्क ड्रग फार्मा पार्क के विकास के लिए यूपीसीडा ने विस्तृत मास्टर प्लान व प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए आवेदन मांगे हैं। जल्द ही यहां विकास कार्य तेजी से प्रारंभ किए जाएंगे।
अंकुर श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी।