संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। राजस्व रिकवरी में हीलाहवाली करना अधीक्षण अभियंता को महंगा पड़ गया। बीते दिनों उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन ने राजस्व रिकवरी की समीक्षा की, जिसमें बीते वर्ष की अपेक्षा चार करोड़ रिकवरी कम पाई गई। यूपीपीसीएल के चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अधीक्षण अभियंता का स्थानांतरण ट्रांसमिशन गोरखपुर में कर दिया है।
जनपद में लगभग 1.50 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, इनसे प्रतिमाह विभाग को 10 से 12 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। वर्तमान में विभाग का लगभग तीन सौ करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व बकाया है। इसमें 1.25 लाख उपभोक्ता समय पर बिजली का बिल अदा नहीं करते हैं। इनसे राजस्व वसूली करना विभाग को मुश्किल हो रहा है। इन 1.25 लाख उपभोक्ताओं को ओटीएस योजना का लाभ दिया गया, लेकिन महज 24 हजार उपभोक्ताओं ने रुचि दिखाई और 12.70 करोड़ जमा किए थे।
इसके बाद फरवरी में भी रिकवरी में विभागीय अधिकारियों की हीलाहवाली रही। इसके चलते बीते वर्ष की अपेक्षा चार करोड़ रुपये की कम रिकवरी हुई। हाल में हुई समीक्षा में बीते वर्ष 2023 में विभाग ने 11.65 करोड़ की रिकवरी की थी, जबकि इस वर्ष 2024 में महज 07.74 करोड़ रुपये की रिकवरी हो सकी, जो बीते वर्ष की अपेक्षा 40 फीसदी कम है। यूपीपीसीएल के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अधीक्षण अभियंता संजय सिंह को विद्युत वितरण से गोरखपुर ट्रांसमिशन भेज दिया है। इस कार्रवाई को लेकर विद्युत विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मचा है।
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फरवरी की रिकवरी की समीक्षा में कमी आई है। बीते वर्ष 11.65 करोड़ की रिकवरी हुई थी, इस वर्ष महज 7.74 करोड़ रुपये हुई। इस पर यूपीपीसीएल के अध्यक्ष ने ट्रांसमिशन गोरखपुर भेज दिया है। अभी किसी अन्य की नियुक्ति नहीं की गई है।- संंजय सिंह, अधीक्षण अभियंता