ललितपुर। पाली में किशोरी से दुष्कर्म कांड के मामले में जिला कारागार में निरुद्ध विचाराधीन बंदी राजभान पुत्र दयाली के जेल में फांसी लगाकर जान देने की घटना के चार दिन बाद सोमवार को जिला न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार, जिलाधिकारी आलोक सिंह एवं पुलिस अधीक्षक गोपाल कृष्ण चौधरी ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। उन्होंने जेल प्रशासन को बंदियों का तनाव दूर करने के लिए उन्हें खेलकूद, व्यायाम, कौशल विकास जोडने के निर्देश दिए। इसके साथ ही तनाव से ग्रसित बंदियों की काउंसलिंग कराने के निर्देश भी दिए।
पाली में किशोरी से दुष्कर्म कांड के मामले में विचाराधीन बंदी राजभान पुत्र दयाली अहिरवार ने बीते छह जनवरी को जिला कारागार मेें बैरक नंबर दो को जाने वाली सीढ़ियों की रैलिंग के एंगिल पर मफलर से फांसी लगाकर जान दे दी थी। जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था और परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे।
जिस पर जेल प्रशासन द्वारा इस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट से जांच कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्राचार भी किया गया था। इस मामले में जब जेल प्रशासन द्वारा बैरक के अन्य बंदियों से जब राजभान के बारे में पूछताछ की गई तो पता चला था कि वह जमानत नहीं मिलने के चलते कई दिनों से परेशान चल रहा था और इसके चलते वह रात रात भर सोता भी नहीं था। इस पर जेल प्रशासन द्वारा जेल चिकित्सक डा.विजय द्विवेदी के माध्यम से जेल में निरुद्ध चल रहे ऐसे करीब सौ आरोपियों की काउंसलिंग भी कराई थी।
सोमवार की शाम को जिला न्यायाधीश, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने जिला कारागार पहुंचकर बंदियों से जेल में व्यवस्थाओं के बारे में पूछताछ की और मृतक बंदी राजभान के बारे के व्यवहार के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बंदियों को मिलने वाले खाना आदि के बारे में एवं ठंड से बचाव के लिए कंबल के बारे में भी पूछा। जिला न्यायाधीश व जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए कि तनाव में चल रहे बंदियों की नियमित काउंसलिंग कराई जाए और उनका तनाव दूर करने के लिए उन्हें खेलकूद, योगा कराया जाए, कौशल विकास के कार्यों से जोड़कर उन्हें व्यस्त रखा जाए। साथ ही उनसे मेहनत कराएं ताकि उन्हें रात में अच्छी नींद आए।
पुलिस अधीक्षक गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि सोमवार को जिला न्यायाधीश व जिलाधिकारी के साथ जिला कारागार का निरीक्षण किया गया है। वहां बंदियों को दी जाने वाली व्यवस्थाओं को परखा गया और जेल अधीक्षक को बंदियों के लिए योगा, खेलकूद में नियमित व्यस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान जेल अधीक्षक लाल रत्नाकर सिंह, प्रभारी सीएमओ जेएस वक्शी व अन्य जेल अधिकारी मौजूद रहे।