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Lalitpur News: जेल में रात-रात भर जागता रहता था बंदी राजभान

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ललितपुर। जिला कारागार में विचाराधीन बंदी की मौत के बाद उसकी मानसिक स्थिति और व्यवहार के बारे में भी जेल प्रशासन ने उसके साथी अन्य बंदियों से जानकारी जुटाई। इस बारे में बैरेक के बंदियों ने बताया कि राजभान (मृतक) रात भर जागता रहता था। कई बार वह दो बजे के बाद भी बैठा मिलता था। अब जेल प्रशासन ने मानसिक रूप से परेशान ऐसे बंदियों के लिए मनोचिकित्सक दिए जाने के लिए भी प्रयास शुरू कर दिए हैं।
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जेल अधीक्षक लाल रत्ना सिंह ने बताया कि विचाराधीन बंदी राजभान कई दिनों से जमानत नहीं मिलने से परेशान चल रहा था। इसके चलते उसने बीते रोज शुक्रवार को सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके चलते उन्होंने मानसिक रूप से परेशान चल रहे अन्य बंदियों की काउंसलिंग भी कराई है और उन्हें समझाया कि वह एक दिन बाहर भी निकल सकते हैं। वह अपना व्यवहार अच्छा रखें और सकारात्मक सोच रखें, जो उन्हें निराश नहीं होने देगी। उन्होंने बैरिक के करीब सौ से अधिक बंदियों से उक्त मृतक बंदी राजभान के बारे में जानकारी जुटाई, जिस पर बंदियों ने बताया कि वह कई दिनों से देर रात तक जागता रहता था और दो बजे भी जब कोई बंदी उठता तो वह बैठा ही मिलता था। हालांकि बाद में सामान्य हो जाता था और अन्य बंदियों से अच्छा व्यवहार करता था। वहीं जेल चिकित्सक डॉ. विजय द्विवेदी द्वारा भी जेल में बंदियों को कई बार बात कर उन्हें समझाया जाता है, ताकि बंदी स्वस्थ्य रहें और मानसिक पीड़ा से बाहर निकल सकें।
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