संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर-महरौनी। पति-पत्नी की मौत के बाद अनाथ हुए दोनों बच्चों का अब प्रशासन सहारा बनेगा। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी की पहल पर दोनों बच्चों को स्पाॅन्सरशिप योजना से लाभान्वित किया जाएगा। दोनों बच्चाें को प्रतिमाह 4-4 हजार रुपये दिए जाएंगे।
तहसील महरौनी अंतर्गत ग्राम पड़वां में छह फरवरी को सोना कुशवाहा (25) ने घर के अंदर आत्महत्या कर ली थी। पत्नी की मौत से छुट्टन कुशवाहा (28) घबरा गया और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई थी। मां-बाप को एक साथ खोने से आठ वर्षीय दिव्यांग पुत्र देव व पांच वर्षीय पुत्री अनामिका की देखरेख की जिम्मेदारी उसके दादा-दादी पर आ गई।
परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण दोनों बच्चों के पालन पोषण के लिए जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता देने की मांग की गई थी। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने दोनों बच्चों को आर्थिक मदद देने के निर्देश जिला प्रोबेशन अधिकारी नंदलाल को दिए। अब दोनों बच्चों देव व अनामिका को स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़ा जाएगा। इसके तहत उन्हें प्रतिमाह 4-4 हजार रुपये 18 वर्ष की आयु तक दिए जाएंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि अनाथ हुए दोनों बच्चों को शिक्षा भी दिलाई जाएगी।
राजेंद्र प्रसाद यादव- संवाद
राजेंद्र प्रसाद यादव- संवाद
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