संवाद न्यूज एजेंसी
मड़ावरा। ग्रामीण अंचल के कायाकल्प कार्यक्रम के तहत बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए सरकार भले ही योजनाएं चला रही है। जनपद के अंतिम छोर पर धसान नदी के किनारे वनांचल में बसी ग्राम पंचायत कुर्रट में अब भी ग्रामीणजन स्वच्छ पानी और पक्की सड़क बनाए जाने का इंतजार कर रहे हैं। कुर्रट पंचायत के लखंजर में तत्कालीन जिलाधिकारी आलोक सिंह के कार्यकाल के दौरान धसान नदी के घाटों का कायाकल्प कराया गया लेकिन घने जंगल की गोद में बसे कुर्रट, लखंजर, जैतुपुरा, पापरो, बारई जैसे गांवों तक पक्की सड़क के अभाव में पर्यटकों की पहुंच से काफी दूर है। यहां के निवासियों को भी काफी परेशानी उठाना पड़ती हैं। गांव के छात्रों को बेसिक स्तर के बाद ही पढ़ाई के लिए बाहर जाना पड़ता है। लखंजर में विद्युत लाइन नहीं होने के चलते फिलहाल सोलर संयंत्र से बिजली दी जा रही है।
स्वच्छ पेयजल सबसे बड़ी समस्या
वनांचल के इन गांवों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की किल्लत बनी रहती है, गांवों में पानी के लिए हैंडपंप स्थापित हैं लेकिन गर्मियों में अधिकतर पानी देना बंद कर देते हैं जिसके चलते ग्रामीणों को मजबूरन कुओं से पानी लेना पड़ता है। हर-घर-जल योजना का वनांचल में बसे गांवों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। करीब 10 किमी दूर स्थित पड़ोसी ग्राम पंचायत धौरीसागर में स्थित जल-शोधन संयंत्र से स्वच्छ पेयजल पाइप-लाइन एवं विद्युत लाइन अनुमति के अभाव में वनक्षेत्र से होकर नहीं गुजर पा रही है।
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ग्राम पंचायत कुर्रट
कुल परिवार-460
कुल आबादी 2465
अनुसूचित जाति 244
जनजाति की संख्या 415
गांव के विकास में सरकार प्रयासरत जरूर हैं लेकिन तमाम विकास कार्यों के बावजूद लखंजर के ग्रामीण पक्की सड़क, स्वच्छ पानी, पर्याप्त चिकित्सा सुविधा और मोबाइल नेटवर्क जैसी आम जरूरतें पूरी नहीं हो रही हैं।-हल्के यादव, लखंजर -
स्वच्छ पानी आपूर्ति के लिए कच्ची सड़क किनारे पाइपलाइन बिछाए जाने से जंगल और जानवरों को कोई खतरा नहीं है फिर भी वनविभाग बेवजह अड़ंगा डाले हुए हैं।-बिहारीलाल, लखंजर
ग्राम पंचायत कुर्रट में पेयजल व विद्युत लाइन ले जाने के लिए वनक्षेत्र की भूमि के आड़े आने की की जानकारी मिली है। इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों से बात कर समस्या का समाधान किया जाएगा।
- राजेश कुमार श्रीवास्तव, एडीएम नमामि गंगे