संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मकर संक्रांति के बाद शिकारी भंवरात का त्योहार मनाते हैं, इसके लिए जंगलों में शिकार करने की कुप्रथा है। इसे रोकने के लिए वन विभाग ने दिन व विशेषकर रात में गश्त करने को कई टीमों का गठन किया। सोमवार रात्रि को प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी व उपप्रभागीय निदेशक ने जंगलों में रात्रि गश्त की।
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी गौतम सिंह ने तालबेहट, माताटीला व जखौरा रेंज में रात्रि गश्त की, उन्होंने सभी संभावित शिकार वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। साथ ही गश्त कर रही टीम की लोकेशन लेते हुए उनके गश्ती प्वाइंट पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संतुलन के लिए प्रत्येक जीव का जिंदा रहना जरूरी है। जंगली जानवरों को शिकारियों से बचाकर हम पर्यावरण संतुलन का कार्य कर रहे हैं।
उपप्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिरीन सिद्दकी ने ललितपुर व गौना रेंज में भ्रमण किया। उन्होंने ललितपुर रेंज अंतर्गत रणछोर, धौर्रा, देवगढ़ के जंगलों का जायजा दिया, तो वहीं गौना रेंज अंतर्गत बालाबेहट, महोली, मामदा आदि क्षेत्रों में सभी संभावित शिकारी प्वाइंटों को चेक किया। साथ ही गश्त कर रही टीम को भी चेक किया। इस अवसर पर सभी रेंज अफसर पर अधिकारी मौजूद रहे।