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Lalitpur News: यहां के किसान एमपी की मंडी में बेच रहे गेहूं

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। यहां के बाजार में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के बराबर भी गेहूं का दाम नहीं मिल रहा है, जबकि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ की मंडी में 2400 रुपये तक में खरीद हो रही है। ऐसे में किसान गेहूं बेचने टीकमगढ़ जा रहे हैं, इससे खाद्य विभाग के अफसरों की नींद उड़ी हुई है।
जनपद को 96 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है। एक मार्च से ही न्यूनतम समर्थन मूल्य 2275 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद शुरू कर दी गई थी, लेकिन शुरुआत में क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। अब भी गिने-चुने किसान ही केंद्रों पर जा रहे हैं। स्थानीय मंडी में भी किसानों को 2150 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल ही दाम मिल रहा है। वहीं, टीकमगढ़ में ज्यादा कीमत मिलने से दो तहसीलों महरौनी और मड़ावरा के अधिकांश किसान वहां की मंडियों में गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं।
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किसान नेता व व्यापारी अरविंद सिंघई ने बताया कि मध्यप्रदेश में गेहूं का समर्थन मूल्य 2275 के साथ ही 125 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त भुगतान किया जा रहा है। ऐसे में वहां न्यूनतम समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति क्विंटल है। वहीं, टीकमगढ़ में रैक लगने से मंडी में 2250 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं की खरीद हो रही है। ऐसे में मध्यप्रदेश में लगभग 100 से 170 रुपये प्रति क्विंटल अधिक दाम मिल रहा है। यहां रैक न लगने से गेहूं कम दाम में खरीदा जा रहा है। यही करण है कि किसान मध्यप्रदेश की मंडियों में गेहूं बेचने जा रहे हैं। टीकमगढ़ मंडी में अनाज की आवक दो से तीन गुना हो गई है। पहले जहां 10 से 15 हजार बोरियां पहुंच रही थीं, अब 20 से 25 हजार बोरियां बिक्री के लिए पहुंच रही हैं।


यह है स्थिति

खरीद का लक्ष्य - 96 हजार मीट्रिक टन
क्रय केंद्रों की संख्या- 50
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गेहूं क्रय केंद्र पर अब तक 3000 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है। मध्यप्रदेश में गेहूं जाने की जानकारी हुई है, इस पर रोक लगवाई जाएगी।
- आरके त्रिपाठी, खाद विपणन अधिकारी
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