संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बुधवार को भारतीय किसान यूनियन ने एमएसपी लागू न करने व तीन कृषि कानूनों को वापस न लेने के विरोध में वाहन रैली निकालकर प्रदर्शन किया। कलक्ट्रेट में धरना देते हुए पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण रखने और भोजन, दवाओं, कृषि मशीनरी से जीएसटी हटाने, पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कमी की मांग की। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा की गारंटी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सार्वभौमिक बनाने के साथ सभी के लिए मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी और स्वच्छता के अधिकार की गारंटी मांगी। वन अधिकार अधिनियम का कड़ाई से कार्यान्वयन, वन संरक्षण अधिनियम, 2023 और जैव-विविधता अधिनियम और नियमों में संशोधन वापस लेने की भी मांग रखी।
खनिजों के खनन पर मौजूदा कानून में संशोधन कर आदिवासियों और किसानों के उत्थान के लिए खदानों से लाभ का 50 प्रतिशत हिस्सा सुनिश्चित करने को कहा। मनरेगा के विस्तार के साथ शहरी रोजगार गारंटी अधिनियम बनाने और बीज, उर्वरक, बिजली पर सब्सिडी बढ़ाने, किसानों की उपज के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी देने की मांग प्रमुख रही। फसल बीमा योजना वापस लेने और जलवायु परिवर्तन, सूखा, बाढ़, फसल संबंधी बीमारियों आदि के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की फसल बीमा योजना स्थापित करने की मांग की।
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वाहन कलक्ट्रेट परिसर में ले जाने को लेकर हुई कहासुनी
प्रदर्शन के दौरान कलक्ट्रेट परिसर में पहुंचे भाकियू के पदाधिकारी व कार्यकर्ता अपने वाहनाें को अंदर ले जा रहे थे। इस पर पुलिस ने वाहनों के प्रवेश को लेकर रोका। इस दौरान पुलिस व भाकियू पदाधिकारियों में कहासुनी होती रही। इसके बाद वाहनों को बाहर रोककर किसान कलक्ट्रेट में पहुंचे, जहां जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।