संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। भारतीय अति पिछड़ा महासंघ की बैठक प्रजापति धर्मशाला में आयोजित की गई। उत्तर प्रदेश सरकार की सामाजिक न्याय समिति एवं केंद्र सरकार की रोहिणी आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग की गई। अति पिछड़ी जातियों को जागरूक करने के लिए ब्लाॅक स्तरीय सम्मेलन की रूपरेखा तैयार की गई।
शिक्षक लखन लाल आर्य ने कहा कि 2 अक्तूबर 2017 को राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 340 के अनुसार दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रोहिणी की अध्यक्षता में आयोग की स्थापना करके सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों की स्थिति की जांच करने, उन्हें आरक्षण के भीतर आरक्षण की संभावना तलाशने की जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन, यह रिपोर्ट अभी तक लागू नहीं हो सकी। इससे अति पिछड़ी जातियों को आरक्षण का उचित लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा है। सभी ने रोहिणी आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग उठाई। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य अमर विश्वकर्मा घुटारी, मोहन लाल रैकवार, सौरभ कुमार सेन, काशीराम सेन, रामेश्वर पाल, दर्शन बडोनिया, बालकिशन प्रजापति, रामदयाल प्रजापति आदि मौजूद रहे।