संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनवाने का सपना लेकर वर्ष 1990 से शुरू हुए कारसेवकों के संघर्ष को भुलाया नहीं जा सकता। पुलिस ने 16 दिन वर्णी कॉलेज में बनाई गई अस्थाई जेल में रखा, लेकिन उनका हौसला कम नहीं हुआ। आंदोलन जारी रहा। अब नवनिर्मित भव्य मंदिर में प्रभु रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर कार सेवक उत्साहित हैं। उनका कहना है कि भले ही वे 22 जनवरी को अयोध्या नहीं पहुंच पा रहे हैं, लेकिन अपने नगर को अयोध्या की तरह सजाकर भगवान राम के स्वागत में पांच-पांच दीपक जलाएंगे। नगर को दुल्हन की तरह सजाने का काम शुरू हो गया है। पेश है रामजन्म भूमि आंदोलन में अपनी गिरफ्तारी देने वाले राम भक्तों से बातचीत के अंश...
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भगवान श्रीराम हमारी आस्था के प्रतीक हैं। अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनने से मन प्रफुल्लित है। प्रभु का स्वागत करने को पांच दीपक घर पर जलाएंगे।-राजेश कुमार त्रिपाठी
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500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद हमें अब यह दिन देखने को मिला है। प्रभु राम के स्वागत के लिए नगर भव्य रूप से सज रहा है, हम भी पांच दीपक जलाकर उन्हें नमन करेंगे।-अनिल कुमार जैन
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कारसेवकों का सपना अब साकार हो रहा है। अयोध्या में भले ही नहीं पहुंच पा रहे हैं, लेकिन अपने नगर में अयोध्या जैसा धर्ममय वातावरण जरूर बना रहे हैं।- विनोद कुमार अगरिया
राममंदिर में प्रभु रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को नगर में यादगार बनाया जाएगा। 21 जनवरी को शोभायात्रा निकाली जाएगी और 22 जनवरी को शहनाई गार्डन में लाइव प्रसारण एवं भजन संध्या होगी।-कमल प्रकाश गुप्ता
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हमारे पूर्वजों के संघर्ष और लंबी जंग के बाद हमें अब भगवान राम के मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा देखने का सौभाग्य मिला है। यह हमारे लिए गौरव की बात है।- ऋषभ कुमार जैन
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कारसेवकों की मेहनत और कई लोगों के बलिदान के बाद अब हमें इस कार्यक्रम को देखने का अवसर मिल रहा है। इसे हम अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पल मानते हैं। - अनिल कुमार बबेले