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Lalitpur News: चिकित्सक नहीं फार्मासिस्ट के भरोसे डोंगराकलां पीएचसी

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पाली। तहसील अंतर्गत ग्राम डोंगराकला स्थित नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लंबे समय से चिकित्सक न होने से मरीजों का उपचार नहीं हो पा रहा है। अस्पताल फार्मासिस्ट के सहारे चलने से स्वास्थ्य सेवाएं प्राथमिक उपचार तक ही सीमित रह गईं है। ऐसे में इलाज को आने वाले मरीज मायूस होकर वापस हो रहे हैं।
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ग्राम डोंगराकलां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से आसपास से 12 गांवों की करीब 15 हजार से अधिक की आबादी इस पीएचसी पर आश्रित है। लेकिन चिकित्सक के अभाव में लोगों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। यहां पर एक चिकित्सक का पद स्वीकृत है। मरीजों को भर्ती करने के लिए चार बेड की सुविधा है।
हालत यह है कि अस्पताल फार्मासिस्ट के सहारे ही संचालित हो रहा है। इसके अलावा कोई स्टाफ तैनात नहीं है। आने वाले मरीज फार्मासिस्ट से ही दवा लेकर चले जाते हैं। हालत यह है कि सामान्य मरीजों को ही इलाज मिल पा रहा है। यही नहीं वार्ड ब्वॉय न होने से पट्टी जैसी सुविधाएं देने में तक में दिक्कत हो रही है। गंभीर स्थिति के मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया जा रहा है। ऐसे में यहां आने के बाद मरीज अपने आप को ठगा सा महससू कर रहे हैं। इससे अस्पताल में मिलने वाली सेवाओं की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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प्रतिदिन पहुंच रहे महज 20 मरीज
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक न होने से सामान्य समस्याएं होने वाले मरीज ही दवा लेने के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें ग्राममहौली, क्योलारी, रसोई, पठराई आदि के प्रतिदिन लगभग 15 से 20 मरीज ही दवा लेने पहुंच रहे हैं। लेकिन उपचार के अभाव में मरीज मायूस होकर लौट जा रहे हैं।
अस्पताल खुली, लेकिन सुविधाएं न मिलने से शोपीस साबित हो रही है। बिना इलाज के ही वापस होना पड़ता है। - रामनिवास पटैरिया
अस्पताल में खांसी, बुखार जैसी सामान्य बीमारियों का इलाज मिल पा रहा है। गंभीर होने पर बाहर जाना पड़ रहा है। - लखन
अस्पताल में चिकित्सक के साथ अन्य कर्मचारी तक नहीं है। इससे स्वास्थ्य के साथ अस्पताल में भी बदहाल स्थिति है। - दीप नारायण
अस्पताल में समुचित मात्रा में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराईं जाएं। जिससे क्षेत्रीय लोगों को इलाज मिल सके। - आरती
अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती नहीं है। आने वाले मरीजों को दवाइयां वितरित की जा रही है। अकेला कर्मचारी होने से दिक्कत हो रही है। - आशीष पाठक, फार्मासिस्ट
जिले में चिकित्सकों की कमी है, जिसके लिए शासन को पत्राचार किया गया है। चिकित्सक मिलते ही नियुक्त किए जाएंगे - डॉ. जेएस बक्शी, प्रभारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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