ललितपुर। ब्लॉक मड़ावरा में ग्राम रमगढा में वर्ष 2021 में मनरेगा योजना के तहत बंधी निर्माण में किए गए घपले के मामले में जिलाधिकारी आलोक सिंह ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शैलेंद्र प्रजापति को निलंबित कर दिया गया। वहीं डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान तुलसी के खिलाफ 15 दिन में जवाब तलब किया है।
विकास खंड मडावरा के ग्राम पंचायत रमगढा में मनरेगा के तहत कराए गए कामों में धांधली की परतें दिनों दिन खुलती जा रही हैं। हाल ही में गांव में तैनात रहे सचिव को निलंबित किया गया था। इसके बाद खंड विकास अधिकारी को जांच सौंपी गई थी। बीडीओ की जांच में वर्ष 2021 में किए गए मेडबंधी कार्य में अनियमितताओं का दोषी तत्कालीन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को पाया था। अब जिला प्रशासन ने वर्ष 2021 में हुए मेडबंधी के कार्य में लाखों रुपये की अनियमितता करने वाले ग्राम विकास अधिकारी शैलेंद्र प्रजापति को निलंबित कर दिया गया है। शैलेंद्र प्रजापति पर वर्ष 2021 में ग्राम पंचायत में तैनाती के दौरान हस्ताक्षरित मस्टर रोल के माध्यम से मेडबंधी कार्य में 161160 रुपये और साईन बोर्ड में तीन हजार रुपये का अनियमित तरीके से भुगतान करने के आरोप हैं। निलंबित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को ब्लॉक महरौनी में अटैच कर दिया गया है। जबकि जांच खंड विकास अधिकारी तालबेहट को सौंपी गई है। इतना ही नहीं जिलाधिकारी आलोक सिंह के रमगढा ग्राम प्रधान तुलसी के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए। आदेशों के क्रम में जिला पंचायतराज अधिकारी ने ग्राम प्रधान तुलसी के खिलाफ नोटिस भेजते हुए 15 दिन में जवाब तलब किया है। जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच टीम ने किया था मौके का स्थलीय निरीक्षण
तहसील मड़ावरा के ग्राम रमगढा में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी शैलेंद्र प्रजापति ने मनरेगा के तहत जालम पुत्र सुंदर के खेत पर मेड बंधी कार्य पर 1 लाख 61 हजार 160 रुपये, साइन बोर्ड के तीन हजार रुपये का अनियमित भुगतान किया था। जांच टीम द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण के समय लाभार्थी और ग्रामवासियों ने बताया था कि लाभार्थी के खेत पर मेडबंधी का कार्य नहीं कराया गया है। मौके पर ग्राम प्रधान सहित अन्य ने भी निरीक्षण करा पाने में असमर्थता दिखाई। मौखिक रूप से बताया था कि मेडबंधी का कार्य नहीं हुआ है। इस पर जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी शैलेंद्र सिंह को दोषी करार दिया था और कार्रवाई की बात कही थी।
रमगढा में मनरेगा कार्य के तहत मेडबंधी के नाम पर हुई धांधली के मामले की कराई गई जांच में तत्कालीन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शैलेंद्र प्रजापति को निलंबित कर दिया गया है। बीडीओ तालबेहट को जांच सौंप दी गई है।
केएन पांडेय, जिला विकास अधिकारी
मनरेगा कामों में जांच के दौरान दोषी पाए गए ग्राम प्रधान रमगढा तुलसी के खिलाफ जिलाधिकारी के आदेश पर की गई कार्रवाई के क्रम में नोटिस देकर 15 दिनों में जवाब तलब किया है। जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- नवीन मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी