प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को यूनिफार्म के दो सेट नि:शुल्क मुहैया कराए जाते हैं। इसकी गुणवत्ता को कायम रखने के लिए व्यापक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। यूनिफार्म क्रय के लिए विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक कर चार सदस्यों की एक क्रय समिति बनाई जाएगी। इसमें विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष, प्रधानाध्यापक, इंचार्ज प्रधानाध्यापक, विद्यालय प्रबंध समिति का वह सदस्य जो ग्राम पंचायत, नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत का नामित सदस्य, एक अभिभावक या संरक्षक जो एसएमसी से नामित हो। क्रय समिति विद्यालय की नामांकन, उपस्थिति पंजिका देखकर पात्र बच्चों की संख्या का निर्धारण करेगी, तत्पश्चात उतनी ही संख्या में यूनिफार्म प्राप्त की जाएगी। बीस हजार या उससे अधिक व्यय होने पर यूनिफार्म वितरण के लिए कोटेशन प्राप्त किए जाएंगे। एक लाख या उससे अधिक व्यय पर टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी। कोटेशन प्राप्त करने के लिए पर्याप्त प्रचार- प्रसार किया जाएगा। विद्यालय, पंचायत भवन, ब्लाक संसाधन केंद्र एवं प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर नोटिस चस्पा की जाएगी। क्रय समिति कोटेशन, टेंडर के साथ कपड़े, यूनिफार्म का एक एक सैंपल भी लिया जाएगा। एप्रूव्ड कोटेशन, टेंडर से प्राप्त यूनिफार्म का एक सैंपल विद्यालय में रखा जाएगा, जिससे कि निरीक्षणकर्ता वितरित यूनिफार्म का मिलान सैंपल से कर सकें। विद्यालय स्तर पर निरीक्षण के समय सैंपल नही मिलने अथवा सैंपल के अभाव में भुगतान किए जाने पर संबंधित प्रधानाध्यापक, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष को जिम्मेदार मानते हुए एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यही नहीं, भुगतान की धनराशि की पूर्ण रिकवरी की कार्रवाई शुरू होगी।