ललितपुर। जिला अस्पताल में ह्दयाघात, मधुमेह, ब्लड शुगर और कैंसर रोगियों को उपचार की सुविधा के लिए एनसीडी (नान कम्युनिकेशन डिसीज) सेल भले ही संचालित हो रहा हो, लेकिन अब तक कैंसर रोगियों को उपचार की सुविधा मुहैया नहीं हो सकी है। यहां पर चिकित्सकों के न होने से कैंसर मरीज उपचार के लिए महानगरों की ओर रुख कर रहे हैं। यही नहीं, एनसीडी सेल के पास कैंसर रोगियों की संख्या के आंकड़े तक नहीं हैं।
वर्ष 2015 में जिला अस्पताल में एनसीडी सेल (नॉन कम्युनिकेशन डिसीज) की स्थापना की गई थी। जिसमें विभिन्न चिकित्सकों समेत अन्य स्टॉफ को नियुक्त किया गया है लेकिन अब यहां कोई चिकित्सक नहीं है। एनसीडी सेल के स्थापित होने के सात वर्ष बाद भी सुविधाएं नहीं मिल पाईं हैं। हालत यह है कि वर्तमान में एनसीडी सेल के अंतर्गत बुजुर्ग वार्ड में ही मरीजों को सुविधाएं दी जा रही हैं। कैंसर रोगियों को उपचार तो दूर काउंसिलिंग जैसी सुविधाएं तक नहीं हैं। ऐसे में कैंसर रोगियों को महानगरों की ओर रुख करना पड़ रहा है।
दवाइयों की नहीं हो रही आपूर्ति
शासन द्वारा सरकारी अस्पतालों में 290 प्रकार की दवाइयां उपलब्ध कराने का कंपनियों से अनुबंध है। लेकिन यहां पर महज 264 प्रकार की दवाइयां ही उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे में 26 प्रकार की दवाइयां अस्पतालों में नहीं पहुंच रहीं है। मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदना पड़ रहीं है। विभागीय जिम्मेदारों का कहना है कि अस्पताल में कैंसर व महिलाओं के उपचार को चिकित्सक न होने से दवाइयां उपलब्ध नहीं हो रहीं हैं।
जिला अस्पताल में कैंसर व गर्भवती महिला के उपचार को चिकित्सक न होने से दवाइयां नहीं उपलब्ध कराई जातीं है। - आरके बाजपेयी, चीफ फार्मासिस्ट
जनपद में कैंसर रोगियों के उपचार की सुविधा के लिए कोई चिकित्सक या स्टॉफ नहीं है। - डॉ. जेएस बक्शी, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी