अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। गर्मी प्रारंभ होते ही बिजली के जर्जर तार धोखा दे गए। कहीं केबल टूटने तो कहीं ओवरलोड के चलते फाल्ट होने से सप्लाई ठप हो रही है। इससे लोगों के दिन का सुकून तो रातों की नींद उड़ गई है। अधीक्षण अभियंता का कहना है कि रीवैंप योजना के तहत जर्जर लाइनें बदली जा रही हैं। फाल्ट होने पर लाइनमैन को तत्काल सही करने के लिए भेजा जा रहा है।
शहर में कई जगह तारों की हालत ऐसी है कि वह कभी जमींदोज हो सकते हैं। पूर्व में फाल्ट के कारण जगह-जगह ज्वाइंट पड़े हुए हैं। ऐसे में थोड़ा ही लोड बढ़ने पर तार गर्म होकर टूट जाते हैं। बंच केबल के तार भी एक दूसरे से चिपककर फाल्ट कर देते हैं, इससे घंटों विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है। शहरों के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी बिजली व्यवस्था ठप हो रही है। तार बदलने व ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने के विभागीय दावे बेमानी साबित हो रहे हैं।
ट्रांसफॉर्मर में आग लगने से बिजली गुल
तालबेहट। तीन दिन से पूरे क्षेत्र में बिजली का संकट गहरा गया है। रविवार रात रामलीला मैदान के पास केबल जलने से और सोमवार को ट्रांसफॉर्मर में आग लगने से पूरे क्षेत्र की जनता को कई घंटे बिजली संकट का सामना करना पड़ा। तरगुवा, कड़ेसराकलां, बिजरौठा, पवा, चंद्रापुरा आदि गांवों में बिजली का गंभीर संकट है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय मुश्किल से रात में दो तीन घंटे ही बिजली नसीब हो रही है। इससे उपभोक्ताओं में आक्रोश है। संवाद
देवरान क्षेत्र में पूरे दिन नहीं रही बिजली
देवरान। विकास खंड बार अंतर्गत ग्राम देवरान में दिनभर बिजली आपूर्ति ठप रही। सुबह छह से रात्रि 10 बजे तक बिजली गायब रहती है। ग्रामीण बताते हैं कि जब भी लाइनमैन को फोन लगाओ तो वह फाल्ट की बात कहकर फोन काट देता है। गर्मी के चलते लोग बीमार हो रहे हैं। संवाद