ललितपुर। मड़ावरा वन रेंज में भालुओं के लिए पेयजल उपलब्धता का डीएफओ ने जायजा लिया। उन्होंने वन क्षेत्र में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने वनाधिकारियों को निर्देशित किया कि भालुओं को जंगल में पीने के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था करें, जिससे वह पानी की तलाश में आबादी वाले इलाके में न आएं।
मड़ावरा रेंज के लखंजर, पापड़ा, हीरापुर, सौलदा आदि क्षेत्रों में भालू की संख्या तीन सौ अधिक है। यहां के भालू हमलावर हैं, जो जंगल में मनुष्य को देखते हुए हमलावर हो जाते हैं। वैसे तो यह भालू घने जंगलों में रहते हैं लेकिन पानी तलाश में इनका आबादी वाले इलाकों में आने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में यह भालू ग्रामीणों को नुकसान न पहुंचाएं, इसके लिए विभाग ने कार्ययोजना तैयार की है। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी गौतम सिंह ने मड़ावरा वन रेंज के अफसरों को निर्देश दिए कि वह जंगलों के जलश्रोतों की जांच कर लें। इसके साथ ही अगर जलश्रोतों में पानी कम हो रहा है तो जंगलों में वन्यजीवों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था रखें, जिससे वह आबादी की ओर न आ सकें। उन्होंने मड़ावरा वन रेंज का निरीक्षण वहां के जलस्त्रोतों की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों को आगाह किया कि वह रात के अंधेरे में वन क्षेत्र में न जाएं, दिन में उजाले में जाएं। अगर उन्हें भालू दिखाई दे तो वह तत्काल वहां दूर हट जाएं, क्योंकि इस जंगल जो भालू मौजूद है, वह मानव जाति से हिले नहीं हैं। वह आदमियों को देखकर हमलावर हो जाते हैं। इससे वह सावधानी बरतें।