अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। छत्तीसगढ़ के डोगरगढ़ में प्रख्यात संत आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महामुनिराज की संलेखनापूर्वक समाधि की खबर से जैन-जैनेतर समाज स्तब्ध है। उनके अनुयायियों के मुख से यही निकल रहा है कि गुरुवर की यादें भुला नहीं पाएंगे।
जीवन में संयम की ओर अग्रसर होते हुए आचार्य श्री ने आजीवन चीनी, नमक, हरी सब्जी, फल, दही, सूखा मेवा, तेल, अंग्रेजी दवाओं का त्याग किया। सीमित ग्रास भोजन, सीमित जल और सभी प्रकार के साधनों का त्याग कर उत्कृष्ट साधना के धनी बने। आचार्य श्री ने राष्ट्र हित में भारतीय शिक्षा पद्धति लागू करने, छात्र-छात्राओं की पृथक शिक्षा, चिकित्सा व्यवसाय नहीं सेवा के रूप में अपनाने के लिए समाज को प्रेरित किया। मांस निर्यात को कलंक बताते हुए भारतीय प्रतिभाओं का निर्यात रोकने के लिए समाज का आह्वान किया। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के समाधिस्थ होने से जैन मंदिरों में पूजन अर्चन के माध्यम से भक्तजन कामना कर रहे हैं कि आचार्य श्री विदेह क्षेत्र से मोक्षत्व को प्राप्त हों और उनका सदैव आशीष मिलता रहे।
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आचार्य श्री का आशीर्वाद असीम शांति और अनंत ऊर्जा प्रदान करता था। उनका जीवन, त्याग और प्रेम का उदाहरण है। उनके निधन से देश की अपूर्णीय क्षति हुई है।-मनोहर लाल पंथ, राज्यमंत्री
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आचार्य श्री का भौतिक शरीर हमारे बीच न हो, लेकिन गुरु के रूप में उनकी दिव्य उपस्थिति सदैव आसपास रहेगी। जनपद आगमन पर उनका आशीर्वाद लेने का सौभाग्य मिला था।-रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
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आचार्य श्री जीते जागते परमात्मा थे। उनके निधन का समाचार संपूर्ण जगत को स्तब्ध और निशब्द करने वाला है। हम सबके जीवन में आचार्य श्री का गहरा प्रभाव रहा।-कमलेश चौधरी, संस्थापक प्रबंधक दीपचंद्र चौधरी महाविद्यालय
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आचार्य श्री एक समुदाय के नहीं, पूरी मानवता के आध्यात्मिक गुरु थे। उन्होंने कभी संप्रदाय, जाति, वर्ग के आधार पर भेदभाव नहीं किया। मुन्नालाल जैन, चेयरमैन प्रतिनिधि।
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आचार्य श्री समाज के मार्गदर्शक के साथ एक धर्म के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के राष्ट्रीय संत थे। उनका जाना पूरे देश की हानि है। अंशुल भदौरा,
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आचार्यश्री मानवता के सच्चे प्रवर्तक रहे। उन्होंने जीवन भर हथकरघा, गोशाला, बच्चों की शिक्षा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर बहुत जोर दिया, उनके निधन से देश की अपूर्णीय क्षति हुई है।-प्रदीप जैन
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आचार्य श्री ने कहा था कि भारत की प्राचीन संस्कृति, शिक्षा और परंपराओं पर हमें गौरव करना चाहिए और उनका अनुकरण करना चाहिए। वह मातृभाषा के समर्थक रहे हैं। आचार्य श्री के संदेशों को हमें आत्मसात करना चाहिए।-पुष्पेंद्र जैन, शिक्षक
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आचार्य भगवान ने 21वीं सदी में जैन धर्म की पताका को बहुत ऊंचाई तक फहराया है। वह महान संत दिव्य शक्ति की मूर्ति थे। उनका अचानक संसार से जाना सबके लिए दुखद रहा।-अजय जैन
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आचार्य श्री के सानिध्य में लगातार तीन वाचना और सन् 2018 में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं जैनेश्वरी दीक्षाएं देखने का ललितपुर वासियों को जो सौभाग्य मिला, वह हमेशा अविस्मरणीय रहेगा। -शीलचंद जैन, समाजसेवी
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ललितपुर प्रवास में आचार्य श्री को आहार दान देने का जो सौभाग्य हमारे परिवारजनों को मिला, वह सदैव स्मरणीय रहेगा। आचार्य श्री के आशीर्वाद से मुझे व्यक्तिगत जीवन में संस्कारों की प्रेरणा मिली है, गुरुचरणों में नमन।-अनिल जैन अंचल, पूर्व अध्यक्ष जैन समाज
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आचार्य श्री मेरे जीवन में साक्षात् भगवान हैं। आचार्य श्री के सानिध्य में कुंडलपुर बडे़बाबा मंदिर में जो सेवा का मौका मिला अविस्मरणीय है। आचार्य श्री के आशीर्वाद से मेरे जीवन में जो संकट आए, उनसे निजात और नई दिशा मिली।-नरेंद्र जैन छोटे पहलवान,समाज सेवी
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आचार्य श्री के आशीर्वाद से ही मेरा जीवन धर्म में जुड़ा और आज जो भी हूं गुरुदेव के आशीर्वाद का प्रतिफल है। गुरुदेव का आशीर्वाद जीवन में सदैव बना रहे, ऐसी मंगल भावना गुरु चरणों में।-डॉ.अक्षय टडैया, अध्यक्ष जैन समाज
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गुरुदेव का हमें समय समय पर आशीर्वाद मिलता रहा और मेरा जीवन बदल गया। जीवन में संयम और व्रत गुरुचरणों का ही प्रतिफल है, जिस कारण मेरा और मेरा परिवार धर्मध्यान में निरंतर बढ़ रहा है।-राजेंद्र जैन, पूर्व प्रबंधक अभिनंदनोदय तीर्थ
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जिला व संघ बार एसोसिएशन ने शोक प्रस्ताव पास किया
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर-तालबेहट। जिला बार एसोसिएशन की बैठक जिला बार भवन में अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह यादव की अध्यक्षता में हुई। संत श्री 108 विद्यासागर के समाधिस्थ होने पर अपनी संवेदना व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जन जन के संत थे, जिला बार ने उनके पावन चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए न्यायिक कार्य से विरत होने का निर्णय लिया। इस दौरान महेंद्र कुमार जैन, जीवन लाल जैन, बृज किशोर जैन, ओम प्रकाश घोष, मनोहर सिंह ठाकुर, जगदीश सिंह लोधी, भगवत पाठक, सुनील देवलिया, नीरज मोदी, प्रकाश जैन, आत्माराम पाराशर, राजेंद्र राजपूत, मुकेश कुशवाहा, रामनरेश दुबे, पुष्पेंद्र सिंह चौहान आदि मौजूद रहे। उधर, तालबेहट तहसील बार संघ ने शोक सभा की और न्यायालयी कार्य से विरत रखा।
फोटो-35, विनयांजलि सभा के दौरान मौजूद बच्चे
विद्यालय परिवार व बच्चों ने नम आखों से दी श्रद्धांजलि
मड़ावरा। आचार्य विद्यासागर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विनयांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय समिति के अध्यक्ष प्रेमचंद्र जैन ने आचार्य श्री के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया। प्रवक्ता रमेशचंद्र जैन ने कहा कि आचार्य श्री प्राणिमात्र के शुभचिंतक थे। उनके वियोग से सभी का हृदय विकल है। वे हमारी स्मृतियों में आजीवन चिरंजीवी रहेंगे। इस दौरान कोषाध्यक्ष विजय जैन, प्रधानाचार्य चक्रेश जैन, महेशचंद्र जैन, सहायक अध्यापक रमेशचंद्र जैन, महेशचंद्र जैन, सुधेश खरे, विशेष जैन, रोहित कुमार सोनी, विवेक प्रताप सिंह, टिंकू जैन, आकांक्षा, विश्वकर्मा, अर्चना, कीर्ति, इशिता, पूर्णिमा, आरती राजपूत आदि मौजूद रहे।
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आचार्य श्री के पावन चरणों में भाव पूर्ण विनयांजलि
जखौरा। बालाजी विद्या मंदिर इंग्लिश मीडियम स्कूल में विनयांजलि सभा का आयोजन प्रबंधक अरुण ताम्रकार ने किया। बच्चों को उनकी जीवन गाथा के बारे में बताया गया। इस मौके पर राजेश्वर जैन, तेजवीर सिंह राजा, साबिर, जानकी कुशवहा, शेरसिंह आदि मौजूद रहे।
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आचार्य श्री को विनम्र भावों से अर्पित की विनयांजलि
बिरधा। दिगंबर जैन मंदिर में विनयांजलि सभा में समाज के भक्तों की आंखें नम हो गईं। वक्ताओं ने रूंधे गले से कहा कि विधि के विधान से आचार्य भगवन की हम सबके ऊपर से भले ही छत्रछाया हट गई हो, पर सबके अवचेतन में उनके उपदेश मार्गदर्शक बनकर प्रेरणा देते रहेंगे एवं पाप अधर्म से बचाती रहेगी। संचालन संजय जैन मोदी ने किया। इस दौरान प्रेम चंद, सनत जैन, अशोक जैन, कैलाश चंद, सुरेश जैन, संजय जैन मोदी, अनिल जैन, विजय चौधरी, सुनील जैन, मुकेश चंद, राजीव जैन, पंकज बिरधा, सुबोध जैन, प्रदीप जैन, दिलीप जैन आदि मौजूद रहे।
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आचार्य श्री को दी श्रद्धांजलि
पाली। श्री वेंकटेश पब्लिक स्कूल बंगरिया में आचार्य मुनि विद्यासागर महाराज को श्रद्धांजलि दी गई। विद्यालय के बच्चों ने दो मिनट मौन रखा। इस दौरान हरिसिंह यादव, अनिकेत यादव, इंद्रजीत यादव, भगवान सिंह, गोविंद सिंह, अनिल राय, नैना, नसरीन, फ़रहीन, आदित्य आदि मौजूद रहे।
फोटो-38 शोक सभा में मौजूद जैन समाज के लोग
मंदिर में लाइव प्रसारण देखा, श्रद्धांजलि सभा की
तालबेहट। आचार्य के देह त्याग पर समाज के लोगों ने मंदिर में श्रद्धांजलि सभा की। रविवार को पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य श्री की डोला यात्रा का लाइव प्रसारण प्रोजेक्टर पर दिखाया गया। वक्ताओं ने उनके जीवन से संबंधित प्रसंग सुनाए। इस मौके पर कमल मोदी, सनत मिठया, सनत कुमार, देवेंद्र बसार, अरुण मौली, महावीर जैन, चक्रेश जैन, मनोज कुमार, अनुराग मिठया, राकेश पवा, सागर मोदी, अनमोल जैन, आलोक कुमार आदि मौजूद रहे।
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जैन समाज ने विनयांजलि सभा का किया आयोजन
बानपुर। जैन समाज के लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। मोक्षकल्याणक पर श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महाराज की विनयांजलि सभा एवं श्री 1008 भक्तांमर स्तोत्र पाठ का आयोजन किया गया। इस दौरान महेंद्र कुमार नायक, इंद्रकुमार सिंघई, अरुण कुमार, प्रदीप, नीरज सिंघई, श्रवण सिंघई, विजय, प्रशांत, जितेंद्र मडवैया, राहुल पाइया, प्रवीण सिंघई, पारस, महावीर मडवैया, डॉ. निहाल चंद्र सिंघई, गोल्डी नायक, सुनील, सुयश सिंघई आदि मौजूद रहे।