ललितपुर। ग्राम खांदी निवासी देवा कुशवाहा साधारण गृहिणी के रूप में अपना जीवन यापन कर रही थीं। पति की कमाई घर खर्च के लिए पर्याप्त नहीं हो रही थी, उसकी कुछ करने की चाह ने आगे बढ़ने का मौका दिया। वह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित समूह में 2018 में जुड़ी, पहले तो उसने कुछ समय तक समूह सखी के रूप में कार्य किया। इसके बाद समूह से लोन लेकर छोटा-मोटा कारोबार प्रारंभ किया। इसके बाद उसने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालबेहट में प्रेरणा कैंटीन के लिए आवेदन किया। जिसमें उसका चयन हो गया। इसके बाद उसने वहां पर पूरी लगन के साथ कार्य किया। वर्तमान में वह 20 से 25 हजार रुपये महीने कमा रही हैं। वर्तमान में उसकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है, वह अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दे पा रही है। साथ ही स्वाभिमान के साथ अपना जीवन यापन कर रही है।