झांसी। नए फार्मूले के आधार पर वार्ड आरक्षण के बाद भी वार्डों की तस्वीर नहीं बदली। इस वजह से तमाम उम्मीदवारों के बीच गहरा असंतोष है। उनका कहना है कि नए फार्मूले में आबादी को आधार बनाए जाने की उम्मीद थी लेकिन, इसमें भी आबादी को आधार नहीं बनाया गया। कई ऐसे वार्ड अनुसूचित जाति को आरक्षित कर दिए गए, जहां उनकी आबादी नहीं है। जिन वार्ड को अनुसूचित जाति में आरक्षित होना था, उसे पिछड़ा वर्ग को दे दिया। उम्मीदवारों की ओर से इन पर आपत्तियां दर्ज कराने की तैयारी चल रही है।
अनंतिम आरक्षण में तालपुरा द्वितीय (18), बंगला घाट (19), गुदरी (20), सिमरधा(21) , बिजौली(22) , लहरगिर्द प्रथम(23) , सिमराहा(24) , बगीचा पुलिया नंबर नौ(25) , ईसाई टोला द्वितीय (26), ईसाई टोला प्रथम (5), कछियाना पुलिया नंबर (9), नैनागढ़ दक्षिणी प्रथम (10), कोछाभांवर (13) को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है। पिछले चुनाव (2017) में हंसारी गिर्द प्रथम, तालपुरा प्रथम, भट्टागांव, खुशीपुरा प्रथम, नैनागढ़, नई बस्ती प्रथम, हंसारी गिर्द द्वितीय, बाहर सैंयर गेट, स्कूलपुरा, खुशीपुरा द्वितीय, गढ़ियागांव, मसीहागंज, नंदपुरा को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया था। इस दफा अनुसूचित जाति की आरक्षित सीटोें को लेकर सबसे अधिक असंतोष दिखाई पड़ रहा है।
निवर्तमान पार्षद अमन राय समेत कई उम्मीदवारों का कहना है कि बंगला घाट, गुदरी, ईसाई टोला आदि वार्डों के मुकाबले अनुसूचित जाति की आबादी महानगर के दूसरे वार्डों में है लेकिन, उन वार्डों को आरक्षित नहीं किया गया। उनका कहना है कि दिसंबर माह का आरक्षण निरस्त होने के बाद उनको उम्मीद थी कि आबादी के आंकड़ों के लिहाज से नया आरक्षण होगा लेकिन, नए आरक्षण में आबादी का ख्याल नहीं रखा गया। इन वार्डों से उम्मीदवार अब आपत्तियां दाखिल करने की तैयारियों में जुटे हैं। वहीं, निगम अफसरों का कहना है कि फार्मूले के मुताबिक ही आरक्षण किया गया है।