ललितपुर। नगर निकाय चुनाव से पहले जनपद में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का एक रात रुकना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय रहा। उप मुख्यमंत्री ने रात में सदर विधायक व राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ के आवास पर उनसे मुलाकात कर जहां उनका मनोबल बढ़ा, वहीं यह भी संदेश दे दिया कि जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा अधिकारियों को भारी पड़ सकती है। पार्टी की बैठक में भाग लेकर सत्ता और संगठन के बीच सामंजस्य बनाते हुए उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी कार्यकर्ता हैं।
सूबे में भाजपा की दूसरी बार सरकार बनने के बाद भी जनपद का कार्यकर्ता हताश नजर आ रहा था कारण साफ रहा कि कई मामलों में संगठन के पदाधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि तक को अफसरों की उपेक्षा का शिकार होना पड़ा। इसको लेकर सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अपनी पीड़ा व्यक्त की थी। इसके बाद भी सुधार नजर नहीं आया। आगामी नगर निकाय चुनाव में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कहीं भारी न पड़ जाए इसको लेकर पार्टी हाई कमान तक चिंतित नजर आ रहा था। शनिवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए यहां तक कह दिया था कि वह अपने को उप मुख्यमंत्री मानकर काम करें। जानकारी के अनुसार पहली बार किसी उप मुख्यमंत्री ने जनपद में रात्रि विश्राम किया है। इस दौरान वह राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ के आवास पर जाकर उनके भाई के निधन पर शोक संवेदना जताया। वहीं, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा के आवास पर जाकर जनपद के विकास व अन्य बिंदुओं पर चर्चा भी की। सूत्रों के मुताबिक सदर विधायक ने किसानों की परेशानी व कुछ अफसरों की मनमानी की शिकायत भी उप मुख्यमंत्री से की। करीब एक घंटे रुकने के बाद वह निरीक्षण भवन चले गए, लेकिन इशारों में ही यह संदेश भी देने से नहीं चूके कि जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा अधिकारियों पर भारी पड़ सकती है। फिलहाल उप मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
गोशाला को देख गदगद नजर आए उप मुख्यमंत्री
ललितपुर। सूबे के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अमझरा घाटी के निकट स्थित वृहद गोवंश आश्रय स्थल (गोशाला) को देखा तो वह गदगद हो गए। उन्होंने अध्यक्ष व पूर्व प्रधान हरेंद्र शाह से आश्रय स्थल के संबंध में जानकारी लेते हुए गोवंशों के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना की।