संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। छह नदियों पर मनरेगा के तहत पुनरुद्धार का कार्य मनरेगा मजदूरों के जरिये कराया जा रहा है, लेकिन कार्यस्थल पर मनरेगा मजदूरों की संख्या में कमी देखने को मिल रही। डीसी मनरेगा ने इस पर चिंता जताई है।
जल संरक्षण को लेकर शहजाद, बरुआ नदी, बंडई नदी, जमरार नदी, खेडर नदी और देवरान नाले का पुनरुद्धार कराने की कार्ययोजना बनाई गई थी। इसके लिए 3.6 लाख मानव दिवस सृजन का लक्ष्य रखा गया है। ये सभी नदियां विभिन्न ब्लॉक क्षेत्रों से निकल कर बांधों या सहायक नदी में मिल जाती हैं। नदियों का पुनरुद्धार मानसून से पूर्व 15 जून तक पूरा करने के निर्देश थे। शुरू में तो बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूर लगाए गए, लेकिन जैसे-जैसे समय बीता यहां मजदूरों की संख्या घटने लगी।
18 मार्च को बंडई नदी के काम में 129, जमडार नदी में 105, खेडर में 85 और देवरान नाले के पुनरुद्धार के लिए 65 जॉबकार्ड धारक ही काम करते पाए गए। डीसी मनरेगा रवींद्र वीर यादव ने बताया कि नदियों के पुनरुद्धार के लिए मजदूरों की संख्या कम होने पर सभी ब्लॉक एपीओ को कड़े निर्देश देकर मजदूरों की संख्या बढ़ाने को कहा गया है।