संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। शुक्रवार को श्री मर्दन सिंह इंटर कॉलेज मैदान पर बनाई गई अयोध्या नगरी में गजरथ परिक्रमा के साथ ही श्रीमज्जिनेंद्र पंचकल्याणक महोत्सव का समापन हो गया। अंतिम दिन गजरथ की परिक्रमा देखने आसपास के गांवों से भारी संख्या में लोग आए। मुनि विनम्र सागर ने कहा कि सरलता में बड़ी ताकत है। इससे दुनिया की प्रत्येक समस्या का हल हो सकता है।
सुबह मुनि विनम्र सागर, मुनि निस्वार्थ सागर, मुनि निर्मद सागर, मुनि निसर्ग सागर, मुनि श्रमण सागर एवं क्षुल्लक हीरक सागर के सानिध्य और प्रतिष्ठाचार्य के नेतृत्व में सामूहिक अभिषेक शांतिधारा के बाद मोक्ष कल्याणक का पूजन कराया गया। विधि-विधान से मोक्ष कल्याणक की क्रियाएं, विश्व शांति महायज्ञ, पूर्णाहुति, हवन विसर्जन का भव्य आयोजन किया गया। दोपहर में कार्यक्रम स्थल पर गजरथ चले। सबसे आगे धर्मध्वजा लेकर हाथी पर श्रावक श्रेष्ठी, इसके बाद गजरथ, रजत रथ एवं तीन अन्य रथों में श्रीजी को लेकर प्रमुख पात्र चल रहे थे। डीजे की धार्मिक धुनों पर डांडिया एवं नृत्य करते महिला मंडल, सत्य अहिंसा का उद्घोष करते सेवा दल के बैंड, जयकारे लगाते इंद्र-इंद्राणी चल रहे थे। सभी ने सात परिक्रमा लगाई। इसके बाद श्रीजी का महामस्तिकाभिषेक किया गया। गजरथ देखने को भीड़ उमड़ी। प्रशासन ने पहले ही तैयारी कर रखी थी। भारी वाहनों को पेट्रोल पंप से आगे नहीं आने दिया गया।
धर्मसभा में मुनि विनम्र सागर ने कहा कि पाप के पिंजड़े में कभी अनुकूलता नहीं होती, उसमें किंचित भी सुख नहीं है। पुण्य का पिंजड़ा बहुत बड़ा है। यदि इस सृष्टि पर दान, दया, अहिंसा, करुणा न होती तो ये सृष्टि कैसी होती। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, विधायक रामरतन कुशवाहा, भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार जैन, नगर पंचायत अध्यक्ष पुनीत सिंह परिहार, राकेश जैन, गौतम मोदी, सौरभ कड़ेसराकलां, आनंद पवा, विशाल पवा आदि मौजूद रहे।