ललितपुर। नगर पालिका में ई-गर्वर्नेस सुविधा के लिए अम्रुत योजना के तहत वेबसाइट बनकर तैयार हो गई है, लेकिन वेबसाइट बनाने वाली कंपनी का भुगतान नहीं होने के कारण अभी तक साइट पालिका के अधीन नहीं हुई है। भुगतान में विलंब के कारण मामला अटका पड़ा है। इसके बाद पालिका से संबंधित शिकायतों आदि के लिए विभाग के चक्कर हीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि साइट खोलकर एक क्लिक के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी।
भारत सरकार द्वारा शहरों के विकास के लिए संचालित अटल मिशन फार रिजुवेशन एवं अरबन ट्रांसफार्मेशन (अम्रुत) योजना में सरकार की प्राथमिकता नगर निकायों को आनलाइन करने की है। फरवरी माह में शासन ने नगर पालिका के अधिकारियों की बैठक कर माह मार्च 2016 तक विभाग की वेबसाइट तैयार कराने के आदेश दिए थे, ताकि नवीन वित्तीय सत्र 2016-17 का सभी कार्य आनलाइन किए जा सके। शासन की मंशा के अनुरूप नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने माह फरवरी में वेबसाइट बनवाने का कार्य शुरू कर दिया था। वेबसाइट बनाने का काम शासन द्वारा प्रदेश स्तर पर नामित साफ्टवेयर कंपनी उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपी डेसको) कर रही थी। कंपनी ने वेबसाइट बनाने के लिए विभाग से एडवांस भुगतान कराने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने 5.85 लाख रुपये का स्टीमेट बनाकर विभाग को सौंप दिया था। अधिशासी अधिकारी के आश्वासन पर कंपनी ने बिना एडवांस भुगतान के ही वेबसाइट बनाने का कार्य शुरू कर दिया था। मार्च माह के शुरुआती समय में ही वेबसाइट बनकर तैयार हो गई थी, लेकिन कंपनी का भुगतान नहीं होने के कारण कंपनी ने वेबसाइट को नगर पालिका के सुपुर्द नहीं किया है। यही कारण है कि नवीन सत्र शुरु होने के बाद भी नगर पालिका आनलाइन नहीं हो सकी है।
एक क्लिक में नगर पालिका का ब्योरा स्क्रीन पर
http://npplalitpur.in पर क्लिक करते ही नगर पालिका परिषद ललितपुर कंप्यूटर व मोबाइल की स्क्रीन पर आ जाएगा। इस वेबसाइट पर विभागीय व शहर की संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकेगी। वेबसाइट बनाने वाली कंपनी का भुगतान नहीं होने के कारण वेबसाइट को अभी तक गूगल या अन्य किसी सर्च वेबसाइट के कनेक्ट नहीं किया गया है। नगर पालिका ने वर्तमान में उक्त वेबसाइट पर कई जानकारियां अपलोड कर दी हैं। इस वेबसाइट पर नगर पालिका का इतिहास, शहर की आबादी, जनपद के बांधों की संख्या, नदियों के नाम, सार्वजनिक स्थल, पर्यटन स्थल, शासन की योजनाएं, शासनादेश, जनता के लिए विभागीय संदेश व अपील, शहर के वार्डों व मुहल्लों का विवरण, नीलामी ठेका, टैंडर, आय-व्यय का ब्योरा, स्टाफ व कर्मचारियों की जानकारी, विभाग की संपत्ति आदि विषयों की जानकारी हासिल करने के लिए वेबसाइट पर लिंक दिए गए हैं।
आनलाइन होने से आएगी पारदर्शिता
विभाग को आनलाइन करने के पीछे शासन का मुख्य उद्देश्य जनता की सुविधा के साथ-साथ विभागीय कार्यों में पारदर्शिता लाना है। वैसे भी नगर पालिका पर गुपचुप तरीके से टेंडर करने, ठेेका व दुकानें नीलाम करने के आरोप हमेशा लगते रहे हैं। इस वेबसाइट पर विभाग की संपूर्ण जानकारी व शासन की योजनाए अपलोड की जा रही है। निर्माण कार्यों के टेंडरों की सूचना व आनलाइन टेंडर प्रक्रिया, ठेका नीलामी, सार्वजनिक सूचना, विज्ञापन, आय-व्यय का ब्योरा, पालिका की चल-अचल संपत्ति, सड़कों व नालियों की जानकारी, बजट व अन्य सभी जानकारियों को आनलाइन कर दिया जाएगा। इससे विभाग में पूरी तरह से पारदर्शिता आएगी।
बोर्ड बैठक में विलंब होने के कारण बजट पास नहीं हो पाया है। बजट पास नहीं होने के कारण ही वेबसाइट बनाने वाली कंपनी का भुगतान नहीं किया जा सका है। बजट पास होते ही भुगतान कर दिया जाएगा और जल्द ही विभाग को आनलाइन कर दिया जाएगा।
- राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका