ललितपुर। राजघाट निर्माण खंड ने गोविंद सागर बांध व नहरों की खाली भूमि पर किए गए अतिक्रमण को चिह्नित करके उसे हटाने की रणनीति तय कर ली है।
नहर के हेड से लेकर चंदेरा तक अतिक्रमण पाया गया है। निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता ने अतिक्रमणकारियों को दो दिन में अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम दिया है। शासन ने सरकारी/निजी संपत्तियों एवं विभिन्न धार्मिक संस्थाओं पर अवैध कब्जा हटाने के लिए एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स का गठन किया है। जिला स्तर पर गठित फोर्स ने भी अवैध कब्जा( अतिक्रमण) हटाने की तैयारी कर ली है।
इसके मद्देनजर राजघाट निर्माण खंड के अफसरों ने गोविंद सागर बांध एवं छोटी व बड़ी नहर की भूमि का चिह्नींकरण कराया। इस दौरान पाया कि छोटी नहर के दायी और वायीं ओर हेड से लेकर चंदेरा तक जगह-जगह अतिक्रमण है। एक तरफ तैंतीस फुट तो दूसरी ओर सैंतीस फुट अतिक्रमण चिह्नित किया गया है। इसी तरह लेफ्ट केनाल में 0.369 हेक्टेयर, डाउन केनाल में 0.471 हेक्टेयर एवं अंदर के क्षेत्र में 1663 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिक्रमण चिह्नित हुआ है।
इसमें आठ सौ नौ हैक्टेयर का विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। उधर, अधिशासी अभियंता अतुल कुमार ने दो दिन केअंदर चिह्नित अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी यदि अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो विभाग उसे हटा देगा। इसके नुकसान के लिए विभाग जिम्मेदार नहीं होगा। सहायक अभियंता आनंद स्वरूप का कहना है कि विभाग ने अतिक्रमण हटाने की पूरी तैयारी कर ली है। अतिक्रमणकारियों को एक अवसर प्रदान किया गया, जिससे कि उनका नुकसान न हो।