ग्राम रोंड़ा निवासी सरजू बाई का कहना है कि उसके पति नाथूराम लोक निर्माण विभाग में बेलदार थे। मोहल्ला आजादपुरा निवासी एक रिश्तेदार उसके पति का वेतन तथा बचत की धनराशि बैंक खातों में जमा कराते थे, उसके पति की सड़क हादसे में मृत्यु हो गई थी। पति की मौत के बाद 1,50,000 रुपए बीमा के, 79,000 बैंक व डाकघर तथा 36,000 रुपए आरडी से मिले थे। रिश्तेदारों ने उक्त रुपया नये खाते में जमा कराने का झांसा देकर कोरे कागज पर अंगूठा लगवा लिए थे, इसके बाद पास बुक रखकर आवश्यकता होने पर रुपए निकालकर देने का आश्वासन दिया था। कुछ महीने बाद उसे खेती के लिए रुपयों की आवश्यकता पड़ी तो पासबुक और रुपए वापस मांगे। रिश्तेदारों ने उसे टरका दिया, फिर पासबुक तथा रुपए देने से साफ इंकार कर दिया। इतना ही नहीं, रुपया और पासबुक मांगने पर झूठे मामले में फंसाने की धमकियां दीं। भुक्तभोगी महिला ने पुलिस अधीक्षक से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रुपये वापस कराए जाने की मांग की है।