पूराविरधा सहित आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों के किसानों को उड़द खरीद के बाद फर्जी चेक देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले संतोष रजक को पुलिस ने पूराकलां आते समय दबोच लिया। इस कांड के दो आरोपियों को पुलिस टीम पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी।
बताते चले कि झांसी छनियापुरा निवासी संतोष रजक पुत्र हरगोविंद उर्फ ढणकोले ने थाना पूराकलां अंतर्गत ग्राम नत्थीखेड़ा में एक उरड़ क्रय केंद्र खोला था। जिस पर उसने किसानों की उपज बाजार में प्रचालित मूल्य से अधिक मूल्य पर ली और उसका नगद भुगतान किया। इससे किसानों में उसकी इमेज बन गई। इसके बाद उसके यहां काफी मात्रा में उपज आने लगी। इसके बाद उसने अपने शातिर दिमाग का इस्तेमाल किया और किसानों से उपज लेकर उन्हें अपने नाम के तथा अपने भाई रोहित एवं सहयोगी पूरन लोधी के नाम चेक एवं पर्जी देना प्रारंभ कर दिया।
बाद में जब किसानों का काफी पैसा संतोष रजक पर चढ़ गया और किसानों के चेक बाउंस होने लगे तक किसानों को इसकी जानकारी हुई। तब किसानों ने विरोध जताया। इसके बाद 30 अप्रैल के लगभग अपना तामझाम लेकर चंपत हो गया, जिसके बाद किसानों की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ थाना पूराकलां में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया।
इसके आरोपियों की पकड़ के लिए पुलिस अधीक्षक डी. प्रदीप कुमार ने पुलिस क्षेत्राधिकारी कुंवर बहादुर सिंह के निर्देशन में स्वॉट टीम प्रभारी देवी सिंह और पुलिस की एक टीम बनाई। जिस पर पुलिस टीम ने दबिश देकर इस कांड के दो आरोपी पूरन और सरगना संतोष के भाई रोहित को गिरफ्तार कर लिया था। इस कांड का सरगना संतोष पुलिस गिरफ्त से दूर था। शुक्रवार को सायंकाल मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश के पूराकलां में बिना नंबर की स्कार्पियों से आते समय पुलिस टीम ने संतोष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस टीम में देवी सिंह, थानाध्यक्ष पूराकलां महेश कुमार और श्याम सुंदर आदि का काफी सहयोग रहा।