ललितपुर। अपर सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश हरकेश कुमार की अदालत ने छह वर्ष पुराने हत्या के मामले मेें तीन लोगों पर दोष सिद्ध करते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई हेतु तारीख तय कर दी है। वहीं, एक आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया गया।
कोतवाली के मुहल्ला गोविंद नगर निवासी असलम पुत्र नवाब अब्दुल रहमान खां ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि 2 जुलाई 2010 को रात्रि करीब 8 बजे मुहल्ला के सूरज खटीक, गुलाम अली व नंदू कुशवाहा उसके घर आए। उसके भाई अकरम को बुलाया। भाई अकरम यह कहकर कि वह आता है और चला गया। काफी समय बीत जाने के बाद उसने अकरम के फोन पर लगातार कई बार फोन किया, लेकिन फोन पर बात नहीं हो सकी। दूसरे दिन सुबह वह अपने बहनोई अख्तर अली के साथ सूरज के घर गया तो वह उन लोगों को देखकर भाग गया, जिस पर उसको शक हुआ और वह अपने भाई की तलाश करने लगा।
कुछ देर बाद अकरम मृत अवस्था में शहजाद नदी के किनारे झाड़ियों में पड़ा मिला, जिसके सिर पर गोली लगी थी। मृतक के भाई असलम की शिकायत पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान घटना में प्रयुक्त तमंचा संजय बहादुर के घर से बरामद कर सूरज, गुलाम अली, नंदू व संजय बहादुर के आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरकेश कुमार ने दोनों पक्षों की दलील व साक्ष्यों के आधार पर मामले की सुनवाई करते हुये सूरज खटीक, गुलामअली और नंदू कुशवाहा को हत्या का दोषी माना। सजा के बिंदु पर सुनवाई 25 अप्रैल को होगी। जबकि, संजय बहादुर को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया। मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव ने की।