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ललितपुर। थाना नाराहट अंतर्गत एक ग्राम से दो सप्ताह पूर्व घर से भागी नाबालिग को एसीजेएम न्यायालय द्वारा पिता को सुपुर्द करने के आदेश दिए, लेकिन उक्त लड़की ने आदेश को मानने से इंकार कर दिया और न्यायालय में हंगामा काटा। पुलिस ने नाबालिग को पिता के सुपुर्द कर दिया।
ग्राम निवासी एक व्यक्ति से 12 जुलाई को अपनी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री के अपहरण का आरोप लगाया था। जिस पर पुलिस ने गांव के ही चार युवकों के खिलाफ नाबालिग के अपहरण का मामला दर्ज कर दिया था। हालांकि इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की जा सकी। लड़की की काफी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। 17 जुलाई को साड़ी पहनकर नाबालिग लड़की नाटकीय ढंग से एसपी के सामने खुद ही पेश हो गई थी और परिजनों से तंग आकर घर से भागने की बात बताई थी। जिस पर पुलिस अधीक्षक ने उक्त लड़की को नाराहट पुलिस की देखरेख में उसकी बहिन के घर भिजवा दिया था। नाराहट पुलिस द्वारा मंगलवार को उक्त किशोरी को न्यायालय में पेश किया गया।
जिस पर लड़की ने न्यायालय में भी पिता से तंग आकर घर से बिना किसी दबाव के घर से खुद ही अपनी मर्जी से भागना बताया। उसने न्यायालय में किसी अन्य व्यक्ति के साथ भागना या अपहरण होना नहीं बताया । इसके चलते प्रभारी सीजेएम आनंद प्रकाश सिंह ने उक्त किशोरी को पिता के सुपुर्द करने के आदेश जारी किए, लेकिन पुत्री ने पिता पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके साथ जाने से इंकार कर दिया और न्यायालय परिसर में हंगामा काटा। पुत्री ने पिता से जान का खतरा बताते हुए मिर्चवारा में अपनी बड़ी बहन के पास जाने की इच्छा जताई। लेकिन पुलिस ने न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए पुत्री को पिता के सुपुर्द कर दिया। न्यायालय में दिनभर यह मामला चर्चा का विषय बना रहा।