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गैर इरादतन हत्या का दोष सिद्ध

Sat, 08 Aug 2015 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने घटनाक्रम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 23 जून 2012 को मुहल्ला घुसयाना निवासी सोनू खटीक ने थाना कोतवाली में तहरीर दी थी कि उसी दिन सुबह साढ़े बजे उसकी बहिन संगीता मुहल्ले की एक दुकान से सामान लेकर लौट रही थी कि घुसयाना निवासी अशोक कुमार के घर के सामने ग्राम बमरौल, हाल निवासी घुसयाना निवासी अशोक और उसकी पत्नी शांति ने मिलकर उसकी बहन संगीता को मारा पीटा और अशोक के घर में अंदर कमरे में घसीटकर ले जाकर मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। संगीता को घायलावस्था में जिला अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया गया। जहां आग से झुलसी संगीता ने जिला अस्पताल में मजिस्ट्रेट के सामने मृत्यु पूर्व बयान दर्ज कराए, इसमें संगीता ने बताया था कि शांति ने मारपीट कर उसे जला दिया था। इसके बाद उसकी हालत गंभीर होने पर मेडिकल कालेज झांसी रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान 28 जून 2012 को संगीता की मृत्यु हो गई। सोनू की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी अशोक कुमार और शांति के खिलाफ धारा 308 में मामला पंजीकृत कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने संगीता की मृत्यु हो जाने पर  22 जुलाई 2012 को धारा 304 आईपीसी के तहत अशोक व शांति के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरकेश कुमार ने अभियोजन पक्ष की दलीलों, गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त शांति को गैरइरादतन हत्या की धारा 304 में दोष सिद्ध पाया, जबकि दूसरे आरोपी अशोक कुमार को धारा 304 के अपराध में संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया।  
 
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