तहसील क्षेत्र के ग्राम सौजना में एक युवती ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली । युवती का शव 17 सितम्बर को सुबह गांव के ही हनुमानजी मंदिर के पास एक नीम के पेड़ की डाल से लटकता मिला। युवती के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ, इसमें मृतका ने आत्महत्या करने की वजह यह बताई है कि उसके घरवाले पूर्ति की इच्छा के विरुद्ध उसे बीटीसी की पढाई कराना चाहते थे और इसी से क्षुब्ध होकर उसने फांसी लगा ली।ग्राम सौजना निवासी जगतनारायण चाचौदिया एडवोकेट की 21 वर्षीय पुत्री पूर्ति चाचौदिया का शव 17 सितम्बर की सुबह लगभग 9 बजे कुछ ग्रामीणों ने हनुमानजी मंदिर की मढिया के समीप नीम के पेड़ की डाल पर दुपट्टे के सहारे फांसी के फंदे पर लटकता देखा।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना मृतका के परिजनों को दी और ग्रामीणों की मदद से शव को नीचे उतारा गया। आनन फानन में वह पूर्ति को गांव के ही एक चिकित्सक के पास लेकर गये लेकिन उसने हाथ खडे कर दिये और युवती को मृत घोषित कर दिया । पूर्ति के परिजन उसे लेकर टीकमगढ़ जा रहे थे कि तभी उसके पास से एक सूसाइड नोट मिला जो अँग्रेजी में लिखा था। उस कागज पर लिखा था कि मैं भोपाल में रहती हूँ और पंद्रह हजार रुपये मासिक की वेतन पर प्राईवेट जाब करती हूँ जिससे मेरी पढाई लिखाई का खर्च चलता है। जबकि मेरे परिजन चाहते हैं कि मैं अपने गांव में ही रहकर ललितपुर से बीटीसी की पढाई करूं। आगे लिखा है कि मुझे गांव में रहना पसंद नहीं है ।
मैंने बीसीए की पढाई की है और बीटीसी की पढाई नहीं करना चाहती हूँ, जबकि मेरे घरवाले मेरी इच्छा को महत्व नहीं दे रहे हैं। इसी से परेशान होकर मैं फांसी लगा रही हूँ । सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि पिछले दो दिन से फांसी लगाने की फिराक में थी लेकिन कोई जगह नहीं मिली थी। ऐसे में मंदिर आकर फांसी लगा रही हूँ ।