फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्राणघातक हमले में सात साल की सजा

Sun, 18 Nov 2018 01:02 AM IST
lalitpur
विज्ञापन
seven year jail in atempt of murder - फोटो : demo
विज्ञापन
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय/विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम अश्विनी कुमार त्रिपाठी की अदालत ने प्राणघातक हमले का दोष साबित होने पर अभियुक्त को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संतोष कुमार दोहरे के अनुसार सावित्री पत्नी स्व0 मुन्नालाल ने थाना सदर बाजार में तहरीर देते हुये बताया था कि उसके पुत्र अरविंद अहिरवार की शादी डॉली पुत्री रामचंद्र अहिरवार निवासी ग्राम नौनेर दतिया के साथ हुई थी। आरोप था कि डॉली अकसर ससुराल में विवाद कर दतिया चली जाती है। अरविंद अहिरवार 20 अप्रैल 2015 को पत्नी डॉली को लेने दतिया गया था, जहां अंकित पंडित व उसका मित्र राहुल मिला तथा डॉली के घरवालों ने अरविंद को रोक लिया।
23 अप्रैल को रात्रि लगभग दस बजे अंकित पंडित, राहुल व उसके दो साथी मारुति वैन से अरविंद को झांसा देकर अपने साथ लास्कला पुलिया के पास जंगल में जबरन ले गए, जहां उसके कपड़े उतारकर मारपीट की। राहुल व दो अज्ञात साथियों ने अरविंद को पकड़ लिया तथा अंकित पंडित ने जान से मारने के इरादे से चाकू से गला रेत दिया। जिससे अरविंद के गले की नली कट गई। उसे मृत समझकर उक्त चारों अरविंद की जेब से रुपये, मोबाइल व सोने की अंगूठी उतारकर भाग गए। होश आने पर अरविंद ने पास में आर्मी बैरियर व पुलिस को जानकारी दी। जहां से खबर मिलने पर परिजन अरविंद को लेकर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले गए। सावित्री की तहरीर पर थाना सदर बाजार पुलिस ने अंकित मिश्रा, राहुल व दो अज्ञात साथियों के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर अंकित मिश्रा को धारा 307 के अपराध में सात वर्ष, दस हजार रुपये अर्थदंड, अदा न करने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास, धारा 323 में छह माह के सश्रम कारावास, पांच सौ रुपये अर्थदंड, अदा न करने पर एक माह के अतिरिक्त कारावास, धारा 4/25 शस्त्र अधिनियम के तहत एक वर्ष के सश्रम कारावास, एक हजार रुपये अर्थदंड, अदा न करने पर दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें