ललितपुर। अपर जिला और सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) लोकेश राय की अदालत ने गैंगेस्टर एक्ट के तीन आरोपियों पर दोष सिद्ध होने पर चार- चार वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया।
करीब आठ वर्ष पूर्व तत्कालीन थानाध्यक्ष पूराकलां ने 28 अगस्त 2008 को थाना पूूराकलां में तहरीर देकर बताया था कि ग्राम पूराकलां के मुहल्ला चौबारा निवासी संतोष सिंह, कल्लू उर्फ कल्यान सिंह, शंकर उर्फ दद्दी, बल्लू उर्फ बालकदास, तोरन यादव, रघुवीर सिंह और भान सिंह का क्षेत्र में काफी आतंक है। इन पर पूर्व से कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इसमें संतोष सिंह गैंग लीडर है, जिसके इशारे पर बाकी सभी आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं। थानाध्यक्ष की तहरीर पर सातों आरोपियों पर मजिस्ट्रेट द्वारा गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। इस मामले में भान सिंह और कल्लू जमानत पर रिहा चल रहे थे, जबकि अन्य आरोपी जेल में बंद थे। पुलिस द्वारा न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए गए थे, तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था।
आरोपी संतोष सिंह, कल्लू उर्फ कल्यानसिंह व भान सिंह द्वारा न्यायालय में प्रार्थना पत्र देने के कारण तीनों पर अलग से मुकदमा चलाया गया। गैंगेस्टर के अपराध में न्यायाधीश ने तीनों की फाइल अलग कर अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत की जाने वाली दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर संतोष सिंह, कल्लू व भान सिंह को गैंगेस्टर की धाराओं में दोषी पाते हुए चार-चार वर्ष की सजा सुनाई। यही नहीं, तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दो-दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी, जबकि अन्य चार आरोपी जेल में निरुद्ध चल रहे हैं। मामले की पैरवी वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी डीके मिश्रा ने की।