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दोषी पाए जाने पर प्रधानाध्यापक हुए निलंबित

Sun, 17 Jun 2018 01:45 AM IST
amarujala
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school, lalitpur news - फोटो : demo
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ग्राम गदयाना के उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा आठवीं की छात्रा की टीसी पर आचरण खराब लिखने के मामले में बीएसए ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में यह सामने आया है कि प्रधानाध्यापक ने द्वेष भावना के चलते बाल अधिकारियों का हनन करते हुए जानबूझकर ऐसा किया है।
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विकासखंड बार के ग्राम गदयाना में उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक कमल दास ने अपने विद्यालय में पढ़ने वाली कक्षा आठवीं की छात्रा व उसके अभिभावकों से चली आ रही पुरानी रंजिश के चलते छात्रा की टीसी पर आचरण खराब लिख दिया था। आगे की पढ़ाई के लिए कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए आचरण खराब लिखी टीसी लेकर पीड़ित छात्रा व उसकी विधवा मां अधिकारियों व विद्यालयों के चक्कर काट रही थी। इस समस्या को अमर उजाला ने गंभीरता से उठाते हुए छात्र हित में विगत 09 जून के अंक में ‘गुरुजी ने छात्रा की टीसी पर लिखा आचरण खराब’ नामक शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। मामले का गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मायाराम ने विगत 12 जून को दो खंड शिक्षा अधिकारियों की जांच टीम बनाकर विभागीय जांच बैठका दी थी। इस विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया प्रधानाध्यापक कमलदास को आरोपी पाया है।

जिसके चलते जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है। अब विद्यालय से छात्रा की दूसरी टीसी जारी की जाएगी। विभागीय जांच अधिकारियों विकासखंड बार के खंड शिक्षा अधिकारी रामकुमार पुरोहित और बिरधा के विनोद पटैरिया द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट के अनुसार ग्राम प्रधान व अन्य ग्रामवासियों से लिखित एवं मौखिक जानकारी लेने पर प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि प्रधानाध्यापक कमलदास ने द्वेष भावना के चलते छात्रा की टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) पर चरित्र खराब लिखा है। जो अध्यापक के कार्यों के प्रति जानबूझकर लापरवाही की गई है। यह कर्मचारी आचरण नियमावली के विपरीत है तथा विभागीय आदेशों की स्पष्ट अवहेलना है। साथ ही पदेन दायित्वों के प्रति उदासीनता होना और बाल अधिकारों का हनन करना है। इसको गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक को निलंबित किया है। इसके साथ ही उन्होंने महिला जांच अधिकारी समेत तीन सदस्सीय टीम गठित की है, जो जांच को अंतिम रूप देगें। इस टीम में खंड शिक्षा अधिकारी बार व बिरधा समेत जिला समन्वयक बालिका शिक्षा दीपमाला को भी शामिल कर दिया गया है। यह टीम एक सप्ताह के अंदर आरोप पत्र अनुमोदित कराएगी और तीस दिनों में मामले की पूरी जांच कर रिपोर्ट सौंपेगीं।
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यह था मामला
पीड़ित छाता की विधवा मां के अनुसार विगत 06 सिंतबर को प्रधानाध्यापक ने उक्त छात्रा की बेरहमी से पिटाई कर दी थी, जिसमें उसकी पुत्री बेहोश हो गई थी। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक व बीएसए को शिकायती पत्र सौंपकर प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन बाद में विभागीय अधिकारियों ने मामले को सुलटा दिया था। इसके बाद से प्रधानाध्यापक छात्रा व उसके अभिभावकों से रंजिश रखने लगा था। इसी रंजिश के चलते प्रधानाध्यापक ने छात्रा की टीसी पर आचरण खराब होना लिख दिया। पीड़िता के इसका उलाहना देने पर प्रधानाचार्य ने बोला कि तुमने जो शिकायत की थी, उसकी बजह से अधिकारियों में सैटिंग करने में उसके दस हजार रुपए खर्च हो गए हैं। प्रधानाचार्य ने दूसरी टीसी बनाने के बदले में दस हजार रुपए की मांग की थी।  

दूसरी टीसी की जाएगी जारी
विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही छात्रा की दूसरी टीसी जारी करवाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित कर दिया गया है। छात्रा का भविष्य बर्बाद होने नहीं दिया जाएगा।
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-मायाराम, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ललितपुर।
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