ग्राम पठा पचौरा निवासी एक युवक ने थाना बार में तहरीर देकर बताया था कि 27 जून 2011 की रात्रि में उसकी पत्नी जगत सिंह की पत्नी को डिलेवरी कराने सरकारी अस्पताल ले गई थी। रात में करीब एक बजे पत्नी डिलेवरी कराकर जगत सिंह के घर पहुंची। पत्नी को गांव का ही सोहन लेकर घर छोड़ने के लिए आ रहा था कि मोटर स्टैंड के पास सोहन ने उसके साथ छेड़खानी कर दी तथा विरोध करने पर उसे पीट दिया और अकेला छोड़कर चला गया। सुबह चार बजे जब वह अन्य लोगों के साथ पत्नी का पता लगा रहा था तभी गांव के एक युवक ने सूचना दी, जिस पर उसने बस स्टैंड जाकर देखा तो उसकी पत्नी के सिर में चोट थी। कान व मुंह से खून आ रहा था। वह पीड़िता को बेहोशी की हालत में सरकारी अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
युवक की तहरीर पर पुलिस ने सोहन सिंह के खिलाफ छेड़खानी व गंभीर चोट पहुंचाने की धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए। बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरकेश कुमार ने अभियोजन पक्ष द्वारा दी गई दलीलों, गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर निर्णय सुनाते हुए अभियुक्त सोहन सिंह को धारा 354 में तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। पांच हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। साथ ही धारा 308 में दोषी पाते हुए चार वर्ष का कठोर कारावास और दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले में पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजेंद्र सिंह यादव ने की।