यहां सुबह होते ही मादक पदार्थों की दुकानें संचालित होने लगती हैं, जो देर रात तक चलती रहती हैं। इस गांव से जिले व सूबे के विभिन्न हिस्सों में मादक पदार्थ सप्लाई किया जाता है। सफेद पोशों के संरक्षण में चल रहे इस कारोबार को और बढ़ाने के लिए नए ग्राहक बनाने की मुहिम चलाई जा रही है। इसके लिए नशे के आदी बन चुके लोगों को नए ग्राहक बनाने के लिए कम मूल्य पर गांजा व चरस मुहैया कराई जाती है। नशे की गिरफ्त में आने के बाद इन ग्राहकों से मनमानी वसूली की जाती है। इसकी वजह से न सिर्फ ग्राम सिलावन बल्कि ग्राम समोगर, कुरौरा, जरया, छपरट, गुंदरापुर, बारव, सुकाड़ी, पचौड़ा, कुआंगांव, बैरवारा, कलौथरा, मोगयाना, सिंदवाहा, अमौरा, चढऊ, मिदरवाहा, चौकी, दिगवार, किसरदा आदि गांव के युवा नशे के आदि हो गए हैं।नशे की लत के कारण कई ग्रामीण परिवार बर्बादी की कगार पर आ पहुंचे हैं और कई युवा असमय ही मौत का शिकार हो चुके हैं। इस अवैध कारोबार की जानकारी होने के बाद भी पुलिस अफसर मूकदर्शक बने हुए हैं। क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने इन स्थितियों के खतरनाक बताते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से इस कारोबार को रोकने की मांग की है।