नेहरू युवा केंद्र के निकट रहने वाली बबीता पत्नी नीरज का कहना है कि बुधवार की सुबह उसकी सास चांदमारी में आयोजित किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गई थी। जेठानी मोहल्ला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों की जांच कराने गई थी। वह अकेली अपने कमरे में मसाला पीस रही थी, तभी अचानक दो नकाबपोश बदमाश उसके कमरे में घुस आए तथा उसके हाथ, पैर तथा मुंह कपड़े से बांधकर अलमारी का ताला तोड़ कर जेवर और चार हजार रुपए उठाकर भाग गए। आंगनबाड़ी केंद्र से जेठानी घर वापस लौटी तो बबीता के हाथ पैर बंधे हुए थे और वह बेहोशी की हालत में थी, उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराकर ससुर दयानंद ने कोतवाली पुलिस को घटना की सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने मौका मुआयना कर जांच शुरू की। वरिष्ठ उपनिरीक्षक निगवेंद्र सिंह ने लूटपाट के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि आसपास रहने वाले लोगों ने पूछताछ के दौरान घटना की पुष्टि नहीं की है, जिससे मामला प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। मामले की जांच कराई जा रही है।