अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) अजय पाल सिंह की अदालत ने चार वर्ष पहले थाना तालबेहट के ग्राम वर्मा विहार निवासी मनी सहरिया को पड़ोसी की गैर इरादतन हत्या के आरोप में दोषी माना। जिस पर पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बादाम सिंह यादव ने बताया कि चार वर्ष पहले थाना तालबेहट के ग्राम वर्मा विहार निवासी प्रभुु सहरिया ने थाना तालबेहट में तहरीर देकर बताया था कि सात अगस्त 2014 को रात 11 बजे उसका पड़ोसी मनी सहरिया पुत्र उज्जू सहरिया ने उसके पिता आनंदी सहरिया को मारा पीटा था। जिसकी सूचना उसके पिता ने थाने पर जाकर अगले दिन आठ अगस्त 2014 को देकर मनी सहरिया के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बताया कि इसके बाद उसी चोट की वजह से 18 अगस्त 2014 को शाम सात बजे उसके पिता की मौत हो गई थी। थाने से अधिक दूरी होने के कारण व साधन नहीं होने की वजह से तत्काल सूचना देने नहीं पहुंच सका। जिसके बाद पुलिस ने मनी सहरिया के खिलाफ यह मामला गैर इरादतन हत्या की धारा में दर्ज कर लिया था। विवेचना के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र पेश कर दिए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। शुक्रवार को न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त मनी सहरिया को गैर इरादतन हत्या केे आरोप में दोषी पाते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।