पठा/ललितपुर (ब्यूरो)। महरौनी कोतवाली अंतर्गत ग्राम पठा में खेत पर गेहूं की फसल को पानी देने गया किसान बोर के सूखने से परेशान होकर फांसी पर झूल गया।
ग्राम पठा निवासी लटोरे विश्वकर्मा (45) पुत्र गोठे रविवार की सुबह अपने खेत पर पानी देने गया था। बोर से पानी नहीं निकलने पर वह वापस घर आया और पत्नी को पानी नहीं निकलने की बात बताई। साथ ही पत्नी से दोबारा पंप चलाकर देखने की बात कही।
इस पर सुबह करीब 10 बजे लटोरे दोबारा खेत पर पहुंचा, लेकिन पानी नहीं निकला। फसल सूखने की चिंता और बेटी की शादी को लेकर परेशान होकर खेत पर लगे बबूल के पेड़ से फांसी लगाकर उसने आत्महत्या कर ली।
दोपहर साढ़े 12 बजे उसकी सबसे छोटी बेटी ज्योति खाना लेकर खेत पर पहुंची, तो उसने पिता को पेड़ पर लटका पाया। ज्योति ने चिल्लाकर आस पास मौजूद लोगों को बुलाया और परिजनों को सूचना दी। किसान को जब तक पेड़ से उतारा गया, उसकी मौत हो गई थी। लटोरे के पास सात एकड़ पुश्तैनी जमीन थी।
यह जमीन उसके पिता ने लटोरे के बच्चों के नाम कर रखी है। इसी जमीन पर बने किसान क्रेडिट कार्ड पर दो लाख रुपये का कर्ज एसबीआई महरौनी से ले रखा था। मृतक के चार बच्चे हैं। दो लड़के और दो लड़कियां हैं।
बड़े लड़के की शादी हो चुकी है और बड़ी लड़की अनीता की शादी इसी साल करनी थी, लेकिन फसल खराब होने के भय से किसान ने आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौकेे पर पहुंची और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।