ललितपुर। जाखलौन थाना क्षेत्र के ग्राम पड़ौरिया में गांव पंचायत चुनाव की रंजिश में एक वृद्घ किसान को पहले उसके घर पर हमला बोलकर पीटा गया और जब वह इसकी शिकायत करने के लिए थाने जा रहा था तो रास्ते में घेरकर दुबारा बुरी तरह पीटा गया। उसके परिजन उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए, जहां उसको चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
ग्राम पड़ौरिया निवासी राईसे अहिरवार (60) ने पिछले दिनों हुए ग्राम पंचायत के चुनाव में अपनी बहू को चुनाव में प्रत्याशी बनाया था। वह चुनाव हार गई। चुनाव में हार गया एक दूसरा प्रत्याशी अपनी हार का कारण राईसे को मान रहा था। राईसे के पुत्र राजेंद्र ने बताया कि मंगलवार की शाम करीब साढ़े चार बजे गांव के ही कुछ लोग उसके घर आए और पिता के साथ मारपीट करने लगे।
बीच-बचाव करने आए परिजनों को भी हमलावरों ने बुरी तरह पीटा। आरोप है कि हमलावरों की शिकायत करने राईसे जाखलौन थाना जा रहा था। इसी दौरान आलापुर गांव के पास हमलावरों ने उसे फिर घेर लिया और पिटाई शुरू कर दी। राईसे को अधमरा छोड़कर हमलावर भाग गए।
परिजनों को जब हमले की जानकारी हुई, तो वह लोग घटनास्थल पर पहुंचे। घायल राईसे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। आरोप है कि चुनावी रंजिश के चलते पिता को मार दिया गया। पीड़ितों ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
राईसे अहिरवार बीमार था। उसे अस्पताल भिजवाने के लिए एंबुलेंस का इंतजाम कराया था। परिजनों के हत्या के आरोपों की जांच चल रही है, बाकी मामला बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद सामने आ जाएगा।
- विवेक यादव
थानाध्यक्ष, जाखलौन
राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय था
ग्राम पड़ौरिया के ग्रामीणों ने बताया कि राईसे अहिरवार सक्रिय रूप से राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेता था। ग्राम पंचायत के चुनाव में भी राईसे ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था और अपनी बहू को प्रत्याशी बनाया था।
लोगों का मानना था कि राईसे ने अपनी बहू को चुनाव में दूसरे प्रत्याशी को मदद पहुंचाने के उद्देश्य से गिरफ्तार कराया था। इसी बात को लेकर विरोधी पक्ष रंजिश मान रहा था। इसी रंजिश में उस पर हमला किया गया, जिसमें उसकी मौत हो गई।