ललितपुर। शहरी क्षेत्र में संचालित निजी मेडिकल सेंटरों, प्राइवेट नर्सिंग होम, क्लीनिक, अस्पताल, पैथोलॉजी व एक्सरे सेंटरों से व्यवसाय लाइसेंस शुल्क वसूलने के लिए नगर पालिका ने विगत फरवरी में तैयारी कर ली थी, लेकिन करीब छह बीतने के बाद भी विभाग अब तक टैक्स का एक रुपये भी नहीं वसूल पाया है।
पूर्व में नगर क्षेत्रों में संचालित प्राइवेट मेडिकल सेंटरों से नगर पालिका लाइसेंस शुल्क वसूलती थी। लेकिन प्राइवेट मेडिकल सेंटर संचालकों के विरोध के कारण यह मामला प्रदेश स्तर पर पिछले कई वर्षों से मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन था। वर्ष 2014 में यह फैसला नगर पालिका के पक्ष में गया था। इसके बाद नगर पालिका क्षेत्र में संचालित प्राइवेट मेडिकल सेंटरों से लाइसेंस शुल्क लागू करना शुुरू कर दिया है। शासन द्वारा प्राइवेट पैथोलॉजी, नर्सिंग होम, अस्पताल, क्लीनिक व एक्सरे सेंटरों के लिए अलग-अलग लाइसेंस शुल्क निर्धारित किया गया है। इन मेडिकल सेंटरों से निकलने वाले कचरे व शहर में संचालित होने के नाम पर नगर पालिका इनसे शुल्क वसूलती है, इसी तरह शादी घरों व होटलों से भी विभाग लाइसेंस शुल्क बसूलता है। नगर पालिका ने शहर क्षेत्र में संचालित समस्त मेडिकल सेंटरों से शुल्क वसूलने के लिए सीएमओ कार्यालय में दर्ज सूची के आधार पर समस्त सेंटर संचालकों को लाइसेंस शुल्क अदा करने के लिए नोटिस जारी कर दिए थे। उस दौरान मेडिकल संचालकों ने नोटिस का विरोध किया था। इसके बाद विभाग के अधिकारियों ने समस्त सेंटरों का भौतिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया था और इसके बाद ही शुल्क वसूली की जाने की बात कही थी। विभाग को छह महीने का समय बीत गया है, लेकिन अब तक नगर पालिका के अधिकारियों द्वारा न तो भौतिक सत्यापन किया गया है और न ही एक रुपया तक वसूला गया है।
इन कारणों से हुआ था विरोध
शासन ने निजी क्लीनिक, नर्सिंग होम, अस्पताल, पैथोलॉजी व एक्सरे सेंटर पर अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया है। नर्सिंग होम और अस्पताल वालों ने सबसे ज्यादा इसी वजह का विरोध किया था कि वह नर्सिंग होम व अस्पताल के साथ-साथ पैथोलॉजी व एक्सरे सेंटर का भी शुल्क क्यों जमा करें। वहीं कुछ लोगों ने अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई थी, कि उनकी क्लीनिक या मेडिकल सेंटर बंद हो चुका है, फिर वह किस बात का शुल्क अदा करें। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी ने विरोध के चलते विभाग के संबंधित अधिकारियों को भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दे दिए थे। लेकिन अब तक सर्वे का कार्य पूरा नहीं हो सका है।
यह है निर्धारित शुल्क
शासन ने प्राइवेट पैथोलॉजी का लाइसेंस शुल्क 667 रुपये वार्षिक, एक्सरे सेंटर का शुल्क 1,334 रुपये, नर्सिंग होम का 1,334 रुपये, प्राइवेट क्लीनिक का 2 हजार रुपये व निजी अस्पताल का लाइसेंस शुल्क 1,334 रुपये निर्धारित किया गया है। नगर पालिका को वर्ष 2014-15 और वर्ष 2016-17 तक का शुल्क वसूलना है। नगर पालिका द्वारा जारी किए गए नोटिस के धार पर शहर में एक निजी अस्पताल, पांच नर्सिंग होम, 92 प्राइवेट क्लीनिक, पांच एक्सरे सेंटर व 11 पैथोलॉजी सेंटर संचालित हो रहे हैं।
शासन द्वारा समस्त मेडिकल सेंटरों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया गया है, इसी के अनुसार सभी से शुल्क वसूला जाएगा और नोटिस सीएमओ कार्यालय से प्राप्त सूची के आधार पर जारी किए गए थे। जल्द ही भौतिक सत्यापन कराने के बाद वसूली का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका