जानकारी के मुताबिक ग्राम खोंखरा निवासी जुगल 17 जून 2013 को थाना बानपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अजनौरा में अपनी ससुराल गया था। यहां पर उसने अपनी पत्नी और बेटी के बारे में पूछा, लेकिन ससुराल वालों ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। इस बात से वह नाराज हो गया और गांव में घूमता रहा। रात में करीब एक बजे मौका पाकर उसने अपनी सास चमेली बाई व साले दीपचंद को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। ग्रामीणों ने दोनों को गंभीरावस्था में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। चमेली बाई की इलाज के दौरान उसी दिन मौत हो गई थी, जबकि दीपचंद की 30 जून 2013 को मौत हो गई थी।
इस सनसनीखेज मामले में बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) हरकेश कुमार ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए 13 गवाहों, दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई करते हुए दामाद जुगल को अपनी सास व साले को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाकर हत्या करने का दोषी करार दिया था। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने उक्त मामले में निर्णय देते हुए धारा 302 के अपराध में जुगल को मृत्युदंड की सजा से दंडित किया, साथ ही बीस हजार रुपये अर्थदंड भी किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव ने की।